मृतका ने सुसाइट नोट छोड़ा, निजी कारणों से जान देने की बात लिखी
पुलिस मामले की जांच में जुटी
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। मानसिक रूप से परेशान एक महिला दरोगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस वक्त लगी जब महिला दरोगा ध्वजारोहण के लिए नहीं पहुंची तब उसको बुलाने के लिए मकान पर सिपाही ने यह खबर दी। घटना से पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। बताया जा रहा हैं कि मृतका दरोगा ने एक सुसाइट नोट छोडा हैं, जिसमें मृतका ने निजी परेशानी की वजह से जान देने की बात कही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजकर उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बहादराबाद थाने में तैनात महिला दरोगा आचंल फरासी सुबह ध्वजारोहण कार्यक्रम में नहीं पहुंची। जिसपर एक सिपाही को उसके मकान पर भेजा गया। बताया जा रहा हैं कि सिपाही ने बंद दरवाजे को खुलवाने के लिए थपथपाया। लेकिन भीतर से कोई जबाव नहीं मिला। बताया जा रहा हैं कि सिपाही ने खिड़की से अन्दर झांका तो भीतर का दृश्य देखकर सन्न रह गया। महिला दरोगा चुन्नी से पंखे से लटकी हुई थी। जिसकी जानकारी सिपाही ने पुलिस अधिकारियों को दी। स्वतंत्रता दिवस पर एक महिला दरोगा के आत्महत्या की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया। सूचना पर पुलिस आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस को मौके से एक सुसाइट नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा हैं कि मृतका ने सुसाइट नोट में अपने निजी परेशानी की वजह से जान देने की बात लिखी है। बताया जा रहा हैं कि मृतका आंचल फरासी उम्र करीब 25 वर्ष और वर्ष 2015 बैच की थी और वर्ष 2017 से बहादराबाद थाने में तैनात थी। जोकि सहसपुर देहरादून की रहने वाली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजकर परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। बहादराबाद थाना एसओ मनोहर सिंह ने बताया कि आंचल फारसी ने अपने कमरे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जिसकी जानकारी उस वक्त हुई जब दरोगा आंचल फारसी ध्वजारोहण कार्यक्रम में नहीं पहुंची तो एक सिपाही को उनके मकान पर भेजा गया। जिसने खिडकी से झांक कर देखा कि आंचल फारसी पंखे से लटकी हुई है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड कर शव को कब्जे में ले लिया। मौके से एक सुसाइट नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें निजी परेशानी के चलते जान देने की बात कही गयी है। मृतका दरोगा काली मन्दिर चौराहे के समीप बहादराबाद में किराये के मकान पर रहती थी।
