घटना में पुलिस को सफलता बैंक के सीसीटीवी कैमरे से मिली
दूसरे कैमरे में कर्मी घटना वाली फूटेज डिलिट करते हुई कैद
बैंक कर्मी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, 04 लाख व कार बरामद
ग्रामीण की शक्ल से मिलते जुलते चेहरे के रिश्तेदार का लिया सहारा
रिश्तेदार को 01 लाख का लालच देकर किया था साजिश में शामिल
बैंक से निकाली रकम से 02-02 लाख बैंक कर्मी व उसके दोस्त ने लिए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कनखल पुलिस ने बैंक से ग्रामीण के खाते से कूटरचित हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी से निकाले गये पांच लाख मामले का खुलासा करते हुए बैंक कर्मी समेत तीन को गिरफ्तार किया है। जिनमें बैंक कर्मी का दोस्त व रिश्तेदार शामिल है। पुलिस टीम ने आरोपियों से धोखाधड़ी से बैंक से निकाले गये 04 लाख रूपये बरामद किये है। बैंक कर्मी ने अपनी योजना को कामयाब करने के लिए पीडित ग्रामीण की शक्ल से मिलते जुलते अपने दूर के रिश्तेदार को 01 लाख का लालच देकर अपनी साजिश में शामिल किया था। जिसको ग्रामीण के तौर पर बैंक में पेश कर उसके माध्यम से साजिशकर्त्ताओं ने पैसे निकाले थे। पुलिस ने आारोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

कनखल थाना एसओ नितेश शर्मा ने बताया कि रतन सिंह पुत्र स्व. हरद्वारी लाल निवासी जमालपुर कलाँ कनखल हरिद्वार ने 01 जून को तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि उसका खाता उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक शाखा जगजीतपुर में है। उसको पैसे की जरूरत पड़ने पर वह खाते से पैसे निकालने के लिए 06 मई को बैंक पहुंचा। जब उसके द्वारा पैसे निकालने की प्रक्रिया शुरू की गयी तो बैंक कर्मी ने जानकारी दी कि अभी तो आप ने 25 अप्रैल 23 को 05 लाख निकाले है। इतने पैसों की क्या जरूरत पड़ गई। इस जानकारी पर उसने अपने खाते से कोई भी पैसा निकालने से इंकार कर किया। जब इस सम्बन्ध में बैंक मैनेजर से बात करनी चाही तो बैंक कर्मी द्वारा इधर उधर की बाते करके उसको टालने लगे। उसने मामले के सम्बंध में अपने बेटे हिमांशु को जानकारी दी।
तहरीर में कहा गया हैं कि बेटे हिमांशु ने बैक पहुंचकर प्रबंधक से सीसीटीवी फुटैज चैक कराने के लिए बोला गया। लेकिन बैंक प्रबंधक ने कोई सहयोग नहीं किया और उसको एक विड्राल दिखाया गया, जिसके माध्यम से उसके खाते से 05 लाख रूपये निकाले गये थे। लेकिन विड्राल में किये गये हस्ताक्षर उसके नही थे, जोकि कूट रचना कर उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये थे। जिसकी जानकारी प्रबंधक को दी गई। लेकिन बैंक अधिकारियों द्वारा उसको बैंक के चक्कर कटवाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि मामले के खुलासे के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फूटेज को खंगाला गया तो एक बैंक कर्मी द्वारा डीवीआर से छेड़छाड़ करता हुए दूसरे सीसीटीवी कैमरे में कैद नजर आया। पुलिस टीम ने जब पुलिस टीम ने बैंक कर्मी के सम्बंध में जानकारी चाही तो पता चला कि वह बैंक नहीं आया है। पुलिस टीम ने बैंक कर्मी सन्नी कुमार पुत्र विशनदास निवासी क्-36 मायापुर डामकोठी कोतवाली नगर हरिद्वार की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने सूचना पर बैंक कर्मी सन्नी को शमशान घाटपुल बैरागी से दबोच लिया। पुलिस टीम ने जब बैंक कर्मी से पूछताछ की तो पहले तो वह पुलिस को गुमराह करने की कौशिश करने लगा। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में डीवीआर से छेड़छाड़ करने वाली फूटेज का हवाला दिया तो वह टूट गया।
एसओ ने बताया कि बैंक कर्मी सन्नी ने ग्रामीण के खाते से 05 लाख की रकम अपने दोस्त मोहित शर्मा उर्फ मोनू पुत्र दिनेशचन्द्र शर्मा निवासी अशोक विहार राजागार्डन थाना कनखल व रिश्तेदार रविन्द्र पुत्र सल्लूराम निवासी ग्राम सरसावा थाना सरसावा जिला सहारनपुर की मदद से बैंक से धोखाधड़ी करते हुए कूटरचित हस्ताक्षर से निकालने की बात स्वीकार की। पुलिस टीम ने तलाश के दौरान आरोपी बैंक कर्मी के दोस्त मोहित व रिश्तेदार रविन्द्र को गुरूवार की रात को जगजीतपुर शराब के ठेके के पीछे आम के बाग सेे वैगानार कार में बैठ कर शराब पीते हुए दबोच लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों से बैंक से निकाले गये 04 लाख रूपये बरामद कर लिये। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
घटना का खुलासा करने वाली टीम में कनखल थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, एसएसआई अभिनव शर्मा, जगजीतपुर चौकी प्रभारी देवेन्द्र सिंह तोमर, उपनिरीक्षक कामलकांत रतूड़ी, उपनिरीक्षक भजराम चौहान, कांस्टेबल अरविन्द नौटियाल, जितेन्द्र राणा और सतेन्द्र रावत शामिल रहे।
