पुलिस अब तक चार आरोपियों को दबोच चुकी
जबकि 11 नामजद और 30 अज्ञात अभी भी फरार
केस वापस लेने की धमकी देने वाले की भी नहीं हो सकी पहचान
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। भाजपा कार्यकर्त्ता के घर पर हमला बोलकर दिनदहाड़े तमंचे से फॉयर करने वाले आरोपियों में से पुलिस ने दो ओर आरोपियों को गिफ्रतार कर लिया है। जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लेकिन पुलिस मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पायी है। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफतार कर चुकी है। जिनमें मुख्य आरोपी का भाई भी शामिल है।
बता दे कि घटना के तीन दिन बाद पीडित एक युवक पर घर से बाहर बुलाकर केस वापस लेने के लिए धमकी देने का आरोप लगाते हुए दूसरा मुकदमा दर्ज करा चुका है। लेकिन पुलिस अभी तक धमकी देने वाले आरोपी की सही पहचान भी नहीं कर पायी है।
कोतवाली ज्वालापुर आरके सकलानी ने बताया कि खन्ना नगर ज्वालापुर निवासी दीपक टंडन के घर पर हमला कर उस पर फॉयर झौकने वाले आरोपियों में 15 नामजद में से दो ओर आरोपियों विपिन रावत पुत्र मोहन सिंह निवासी रावत भवन ऋषिकुल कोतवाली नगर हरिद्वार और उधम सिंह पुत्र अनिल कुमार निवासी बैरागी कैम्प कनखल हरिद्वार को श्यामपुर क्षेत्र से गिरफतार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक दबोचे गये दोनों आरोपियों पर जान लेवा हमला करने का आरोप है।
जबकि पुलिस मुख्य आरोपी के भाई समेत दो आरोपियों को पूर्व में गिरफतार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में 15 में से चार आरोपियों को गिरफतार कर लिया जा चुका है। लेकिन अभी नामजद 11 आरोपियों की तलाश में पुलिस सम्भावित ठिकानों पर छापेमारी करने में जुटी है। वहीं पुलिस की एक टीम 30 अन्य आरोपियों की सीसीटीवी कैमरों के जरिये शिनाख्त करने के प्रयास कर रही है। पुलिस दोनों आरोपियों को शुक्रवार को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।
बता दें कि पीडित दीपक टंडन की ओर से कोतवाली ज्वालापुर में भाजपा कार्यकर्त्ता विष्णु अरोड़ा समेत 15 को नामजद करते हुए 30 अज्ञात के खिलाफ गम्भीर धाराओं में कोतवाली ज्वालापुर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को पीडित दीपक टंडन ने कोतवाली ज्वालापुर में तहरीर देकर एक ओर मुकदमा दर्ज कराया था।
तहरीर में पीडित ने आरोप लगाया था कि को सोमवार की रात को एक युवक ने उसको घर के बाहर बुलाकर अपना परिचय दिनेश नाम से देकर विष्णु अरोड़ा आदि के खिलाफ दर्ज कराये गये मुकदमे वापस ले लो वरना अंजाम बुरा होने की धमकी दी थी। पुलिस ने धमकी देने वाले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी सही शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिये थे। लेकिन अभी तक धमकी देने वाले आरोपी की भी पुलिस पहचान नहीं कर सकी है।
