बिना जांच किये चार्जशीट की कोर्ट में दाखिल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र की महिला ने कोर्ट के आदेश पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी के खिलाफ करीब ढाई महीने पहले मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच कर रही महिला दरोगा ने बिना जांच के ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी, जांच में लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और थाना प्रभारी को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।
सीओ सदर बीएस चौहान ने बताया कि सिडकुल थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने करीब ढाई महीने पहले कोर्ट के आदेश पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को नामजद करते हुए सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना थाने में तैनात महिला उप निरीक्षक ललिता चुफाल कर रही थी। विवेचना अधिकारी ने दुष्कर्म पीड़ित महिला द्वारा नामजद आरोपी का पता लगाने के बजाय उसे अज्ञात में दर्शाते हुए कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल कर दी।
विवेचना अधिकारी के आरोपी को अज्ञात में दर्शाने के बाद कोर्ट में चार्ज शीट लगाने का मामला संज्ञान में आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने गंभीरता से लेते हुए विवेचना अधिकारी महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसएसपी ने महिला दरोगा को निलंबित कर मुकदमों की सही विवेचना न करने वाले पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर पीड़ित की विवेचना सही नहीं की तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी, सही विवेचना पर ही पीड़ित को कोर्ट से न्याय मिलेगा। सिडकुल थाना प्रभारी की भी प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।
