हरकी पौड़ी व आसपास क्षेत्र की अव्यवस्थाओं का बोलबाला
पूर्व सभासद ने दिया नगर आयुक्त को 15 दिन का अल्टीमेटम
अव्यवस्थाएं दुरूस्थ न होने पर दी अमरण अनशन की चेतावनी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। पूर्व सभासद एवं समाजसेवी दिनेश चन्द्र जोशी ने नगर आयुक्त हरिद्वार को एक ज्ञापन सौप कर हरकी पौड़ी व आसपास के क्षेत्रों में नगर पालिका बायलॉज एवं उच्चत्तम न्यायालय के आदेश का पालन कराने की मांग की है। चेताया हैं कि यदि 15 दिनों के भीतर अव्यवस्थाओं को दुरूस्थ नहीं किया गया तो उनको नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन व अमरण अनशन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
पूर्व सभासद दिनेश चन्द्र जोशी ने ज्ञापन में आरोप लगाया हैं कि हरकी पौड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों उच्चत्तम न्यायालय एवं नगर पालिका के बायलॉज के आदेश का जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसकी जानकारी होने के बावजूद नगर निगम मूक दर्शक बनकर देख रहा है। बायलॉज का पालन कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाये जा रहे है। जिससे विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी की मर्यादा व श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
हरकी पौड़ी व आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्थाओं को बोलबाला है, चारों ओर भिखारियों का आंतक साफ देखा जा सकता है। जिनके द्वारा तीर्थनगरी में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता व मारपीट की घटनाए समय-समय पर प्रकाश में आती रही है। तीर्थनगरी के हदय स्थल हरकी पौड़ी पर भिखारियों द्वारा खुलेआम शराब का सेवन करते हुए कई बार सोशल मीडियां पर वीडियों भी वायल हुए है।
उन्होंने कहा हैं कि तीर्थनगरी में प्रतिबंधित पॉलिथीन एवं सींगल यूज प्लास्टिक का भी खुलेआम इस्तेमाल व बिक्री हो रही है। जिससे एक ओर गंगाजल प्रदूषित हो रहा हैं, वहीं धार्मिक आस्था व भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। साथ ही हरकी पौड़ी व आसपास क्षेत्र में प्रतिबंधित होने के बावजूद भी धड़ल्ले से लंगरों का संचालन भी हो रहा है। मालवीय घाट, घंटाघर पर चाय, चाट, पौकोड़ी व अन्य खाद्य समाग्री बेची जा रही है। जिससे घाटों पर गंदगी फैली रहती है।
पूर्व सभासद ने ज्ञापन में कहा हैं कि पूर्व में इस सम्बंध में कई बार आप का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद आप की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये है। यदि 15 दिनों के भीतर हरकी पौड़ी व आसपास क्षेत्र की अव्यवस्थाओं के प्रति गम्भीरता दिखाते हुए ठोस कार्यवाही नहीं की गयी तो, मजबूरन उनको आपके कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन व अमरण अनशन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर आप की होगी।
