
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी, महासंघ ने की रणनीति तय
महासंघ के जिलाध्यक्ष के साथ गाली गलौच व अभद्रता का आरोप
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ, जनपद शाखा हरिद्वार ने डाॅ0 डी0के चक्रपाणि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं डाॅ0 संजय कंसल, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट का स्थानान्तरण न होने तक आन्दोलन का बिगुल बजा कर कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 13 एवं 14 अगस्त जनपद हरिद्वार के समस्त कार्मिक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध् प्रदर्शन करेंगे साथ ही प्रदेश एवं जनपदस्तरीय पदाघिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किये जायेंगे। 16 से 18 अगस्त तक जनपद हरिद्वार के समस्त कार्मिक उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के उपरान्त कार्यबहिष्कार कार्यक्रम के अन्तर्गत राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, रूडकी परिसर में धरना देंगे।

20 अगस्त नगर निगम, रूडकी से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय तक रैली के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा। 21 से 25 तक राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, रूडकी परिसर में क्रमिक अनशन, 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन। यह जानकारी देते हुए महासंघ के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार गुप्ता एवं जिला मंत्री महावीर सिंह चौहान ने बताया कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कर्मचारी महासंघ, जनपद शाखा हरिद्वार के प्रतिनिधि मण्डल की डाॅ0 डी0के0 चक्रपाणि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की वार्ता के दौरान डाॅ0 संजय कंसल, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट द्वारा वार्ता में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप करने, गालियां देने और महासंघ के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार गुप्ता से अभद्रता एवं धमकी देने के कारण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समस्त संगठनों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है।

नेताद्वय ने बताया कि महासंघ की हाईपावर कोर कमेटी की राजकीय मेला चिकित्सालय, हरिद्वार के परिसर में आज हुई बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा डाॅ0 डी0के चक्रपाणि, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं डाॅ0 संजय कंसल, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट का स्थानान्तरण न होने तक आन्दोलन करने का निर्णय लिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश लखेड़ा एवं मनोज चन्द ने कहा कि यह घटना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारियों I’m ikद्वारा इस प्रकार का कुचक्र रचकर कर्मचारी संगठनों को कुचलने का प्रयास किया गया है किन्तु कर्मचारी इस घटना से डरने वाले नही है तथा दोनों अधिकारियों का स्थानान्तरण न होने तक आन्दोलनरत रहेंगे। उत्तरांचल मेडिकल एण्ड पब्लिक हैल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंघल एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेत्री श्रीमती अनीता शर्मा ने कहा अधिकारी अपने अधीनस्थों का उत्पीड़न करते रहें और यदि कर्मचारी संगठन न्याय चाहते है, तो उनके विरूद्व इस प्रकार की साजिश रचकर दबाने का कृत्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी एक सूत्रीय मांग पूरी होने तक इस लडाई को लड़ते रहेंगे।

राजकीय नर्सेज संध की जिलाध्यक्ष श्रीमती सुधा एवं महासंघ की उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता जैन ने कहा कि डाॅ0 चक्रपाणि द्वारा विशेषकर महिला कर्मचारियों का शोषण व उत्पीड़न किया जाना इनकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है। उन्होने कहा कि एक और तो सरकार महिलाओं की सुरक्षा एवं शोषण न होने के प्रति कटिबद्व है और दूसरी तरपफ उनके ही अध्किारी महिलाओं का शोषण कर रहें है।

उत्तराखण्ड लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रान्तीय उपाध्यक्ष पंकज वर्मा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष भट्ट ने कहा कि कर्मचारी अब आर-पार की लडाई के मूड़ में है। उन्होने कहा कि ऐसे अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहें है, जिसको किसी भी हालत में बर्दाशत नही करेंगे।

राजकीय वाहन चालक संघ के जिला मंत्री मुकेश पुजारी एवं महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश कुमार ने कहा कि अधिकारी अपने क्रियाकलापों को बाहर आने के डर से पदाधिकारियों को डराने, धमकाने का प्रयास कर रहें है, जिसको किसी भी हालत में बर्दाश्त नही किया जायेगा।
