

शहर के भीतर कांवडियों ने की पुलिस की व्यवस्था ध्वस्त
मैराथन कांवडियों ने पैदल लोगों का चलना किया मुहाल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। तीर्थनगरी में डाक कांवड के उमडे सैलाब ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिये। स्कूटर व बाइक से आने वाले कांवडियों ने पुलिस की व्यवस्था को दरकिनार कर शहर के भीतर तक प्रवेश कर डाला। जहां पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने उनके वाहनों को सड़क के किनारे ही पार्क कर उनको पैदल हरकी पौड़ी भेजा। साथ ही मैराथन दौड़ के सहारे गंगा जल ले जाने वाले कांवडियों ने शहर के बीच व्यवस्था को ही ध्वस्त करते देखा गया। जोकि कांवडियों की अधिक भीड़ होने के कारण पैदा हुई जाम की स्थिति में भी लोगों को धिकायाते हुए दौड़ रहे थे। जिसकारण कई लोग तो उनके धक्के से लोग नीचे गिर कर चोटिल हो गये। कांवडियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस लाचार व बेबस देखी गयी, जोकि अपनी मौजूदगी की दर्ज करा रही थी। श्रावण मास के कांवड मेले के अन्तिम दिन डाक कांवडियों की इस कदर भीड उमड पडेगी। पुलिस प्रशासन ने सोचा भी न होगा। बीती देर शाम से अचानक डाक कांवडियों के उमड़े हुजूम ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिये है। डाक कांवड को लेकर आलाधिकारी हाईवे पर डेरा डाले हुए हैं और वहां की व्यवस्था को देख रहे है। डाक कांवड के बड़े वाहनों को बैंरागी कैम्प सहित अन्य पार्किग स्थलों पर भेजा जा रहा है। वहीं छोटे वाहनों को रोड़ीबेलवाला सहित अन्य स्थानों पर बनाई गयी पार्किग की ओर मोड़ा जा रहा है। लेकिन उम्मीद से कई अधिक इस बार डाक कांवड आ जाने से प्रशासन की मुशकिले बढ गयी है। इतना ही नहीं टिबड़ी फाटक की ओर से हिलबाई पास मार्ग से डाक कांवड के छोटे वाहनों सहित स्कूटर व बाइकों को भी ललतारो पुल की ओर मोड दिया गया। जिससे वाल्मिकी चौक पर कांवडियों का दबाव बढ जाने से वहां पर जाम की स्थिति पैदा हो गयी। वहीं बाइक व स्कूटर सवार कांवडियों को रानीपुर मोड़, ऋषिकुल तिराहे से होते हुए शहर के भीतर प्रवेश करा दिया गया। जिससे शिवमूर्ति पर भी डाक कांवडियों का दबाव एकाएक बढ जाने से वहां पर भी जाम की स्थिति पैदा हो गयी। लेकिन वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने बाइक व स्कूटर सवार कांवडियों को वहीं रोककर उनके वाहनों को वही सड़क किनारे पार्क कराकर उनको पैदल हरकी पौडी की ओर रवाना किया गया। लेकिन कुछ बाइक व स्कूटर किसी तरह तैनात पुलिस जवानों से बच कर गलियों से होकर वाल्मिकी चौक तक पहुंचे, उनको वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने रोक कर उनके वाहनों को सड़क किनारे पार्क कर पैदल हरकी पौड़ी रवाना किया गया। ब्रहा्रपुरी के समीप स्थित गुरूद्वारा, वाल्मिकी चौक, शिवमूर्ति चौक सहित अन्य स्थानों पर सड़क किनारे खडे किये गये बाइक व स्कूटर से पैदल लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं उमडे कांवडियों के सैलाब ने स्थानीय नागरिकों को घरों में कैद रहने के लिए मजबूर कर दिया। यहां पर हम आप को शहर के भीतर की स्थिति से अवगत करा रहे है। लेकिन हाईवे की स्थिति शहर की भीतर की स्थिति को देखते हुए आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां क्या हाल होगा?, शहर के भीतर एक स्थिति ओर देखने को मिली की जो मैराथन कांवडियें हरकी पौड़ी से जल भरकर दौड़ते हुए अपर रोड़ से होते हुए कुछ मैराथन कांवडियों को रेलवे रोड़ तो कुछ वाल्मिकी चौक से गुरूद्वारा रोड़ की ओर लोगों की भीड को धकियाते हुए दौड़ते देखा गया। जो इस कदर दौड़ रहे थे मानों वह लोगों की भीड को रौद कर अपने अपने खड़े वाहनों तक पहुंचना चाहते है। जिनके धक्के से कुछ लोग नीचे गिरकर चोटिल भी हो गये। एक ओर ऐसा वाक्य दोपहर को वाल्मिकी चौक से गुरूद्वारे की ओर जाने वाले मार्ग पर देखा गया। जहां पर दो व चार पाहिया वाहनों के भीड के कारण जाम की स्थिति थी। इसी मार्ग पर मैराथन कांवडियें लोगों को धकियाते हुए दौड रहे थे। एक महिला नवजात शिशु को राजकीय जिला महिला अस्पताल से लेकर वही मार्ग से बाइक पर पति के साथ घर की ओर जा रही थी। तभी मैराथन कांवडियों की दौड़ ने महिला को ही पीछे बैठी महिला को ही धकिया दिया। जिससे महिला नवजात शिशु के साथ बाइक से बाल बाल नीचे गिरने से बच गयी। जिसको लेकर वहां से गुजरने वाले स्थानीय नागरिकों में एक बार आक्रोश देखा गया। यह केवल एक ही क्षेत्र की स्थिति है। लेकिन आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि अन्य क्षेत्रों में भी क्या स्थिति रही होगी?। ऐसा नहीं कि उन क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात नहीं था मगर डाक कांवडियों की भीड़ को देखते हुए वह केवल लाचार व बेबस नजर आये और अपनी उपस्थिति ही दर्ज कराते देखे गये।
