भेल अधिकारी व सुपरवाईजन बनकर झांसे में लिया
पीडित ने कराया ज्वालापुर मेें मुकदमा, पुलिस जांच में जुटी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। देहरादून के सरकारी ठेकेेदार को भेल मेें करोड़ों का ठेका दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 16 लाख हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। पीडित ठेकेदार ने भेल अधिकारी बने शख्स समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि गजेन्द्र सिंह पुत्र श्रीधन सिंह निवासी धारचूला पिथौरागढ़ हाल हरभजवाला मेहुवाला पटेलनगर देहरादून ने तहरीर देकर शिकायत की है। तहरीर में कहा गया हैं कि वह सरकारी ठेकेदार हैं, उसके करीबी मित्र राजेश पुत्र रेनुवापला गोड़ ने अनुज पुत्र ग्यान चंद निवासी पीएसी रोड़ सुभाषनगर ज्वालापुर और नईम पुत्र शमीम अहमद निवासी मौहल्ला पांवधेाई ज्वालापुर से मुलाकात करायी।
जिन्होंने उसको बताया कि भेल के बड़े अधिकारी नदीम सिद्धकी पुत्र जाकिर निवासी चोर गली ज्वालापुर, जोकि करोड़ों के ठेके देते है। हम दोनों उनके सुपरवाईजर का काम देखते है। हम भेल के करोड़ों के ठेके तुम्हे दिला सकते है। इसके लिए तुम्हे पैसे खर्च करने होगे। दोनों ने उसको भेल अधिकारी के तौर पर नदीम सिद्धकी से मुलाकात भेल एसबीआई बैंक के पास करायी।
आरोप हैं कि नदीम सिद्धकी ने उसपर विश्वास में लेने के लिए भेल अधिकारी का आईडी कार्ड भी दिखलाया। तीनों ने भेल के करोड़ों के ठेके दिलाने के नाम पर उससे 20 लाख की डिमांड की। जिसपर वह उनकी बातों पर विश्वास कर अगस्त 2018 से दिसम्बर 2018 तक 5 किश्तों में उनको 17 लाख रूपये दे दिये। लेकिन ठेका ना मिलने पर उन्होंने शेष राशि नहीं दी। जब उन्होंने तीनों को ठेका दिलाने के लिए बोला गया, तो वह बहाने बनाने लगे। जिनपर उनको शक हो गया और उन्होंने अपनी दी गयी 17 लाख की नगदी वापस मांगी।
जिन्होंने 25 फरवरी 2020 को एक लाख रूपये वापस कर दिये और शेष राशि जल्द वापस करने का भरोसा दिलाया। लेकिन बार-बार तकाजा करने पर भी तीनों ने उसकी 16 लाख की धनराशि वापस नहीं की है। पीडित ने तहरीर में तीनों पर धोखाधड़ी करते हुए उससे 16 लाख की नगदी हड़पने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी करार्यवाही करते हुए उसकी 16 लाख की धनराशि दिलाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
