12 दिसम्बर से हुई थी सिड़कुल से लापता
एंटी हा्यूमन ट्रेफिंकिग सैल ने देहरादून स्थित निकेतन भेजा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। दो दिनों से लापता किशोरी को पुलिस ने लावारिस हालत में सलेमपुर के पास से बरामद कर लिया है। जिसको एंटी हा्यूमन ट्रेफिंकिग सैल के हवाले किया गया है। सैल ने बाल कल्याण समिति के आगे पेश किया गया। जहां से किशोरी को देहरादून स्थित निकेतन भेज दिया है। जबकि किशोरी की चचेरी बहन ने पहुंचकर किशोरी को अपने सुपूर्दगी में लेने का प्रयास किया। मगर सैल ने किशोरी को चचेरी बहन की सुपूर्दगी में देने से इंकार कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उर्मिला पत्नी रामाकांत निवासी रावली महदूद हरिद्वार 10 दिसम्बर को अपनी चचेरी बहन को टीबा मध्यप्रदेश से लेकर नौकरी दिलाने के लिए हरिद्वार लायी थी। जिसने उसको 12 दिसम्बर को सिड़कुल स्थित फैक्ट्री में काम पर लगवा दिया। लेकिन किशोरी दोपहर को गेट पास जमा कर घर को कह कर चली। बताया जा रहा हैं कि जब किशोरी घर नहीं पहुंची तब उसकी चचेरी बहन उर्मिला ने उसकी तलाश की मगर कोई सुराग नहीं मिला। जब उर्मिला ने किशोरी के परिजनों को पफोन जानकारी दी तो उन्होंने बताया कि एक दो दिन देख लो उसके बाद थाने में गुमशुदगी दर्ज करा देना। बताया जा रहा हैं कि बीते दिन लापता किशोरी पुलिस को सलेमपुर क्षेत्र में लावारिस हालत में धुमती हुई मिल गयी। जिसपर पुलिस ने एंटी हा्यूमन ट्रेफिंकिग सैल को सूचना देकर उसके हवाले कर दिया। बताया जा रहा हैं कि जब मामले कि जानकारी चचेरी बहन उर्मिला को लगी तो वह एंटी हा्यूमन ट्रेफिंकिग सैल कार्यालय पहुंचकर किशोरी को उनके हवाले करने का अनुरोध् किया गया। जिसपर सैल प्रभारी कमल मोहन भण्डारी ने किशोरी को उसके परिजनों के ही सुपूर्दगी में देने की बात कहते हुए किशोरी को बाल कल्याण समिति के आगे पेश किया। जहां से किशोरी को देहरादून स्थित निकेतन के आदेश दिये है। एंटी हा्यूमन ट्रेफिंकिग सैल प्रभारी कमल मोहन भण्डारी के अनुसार किशोरी को लावारिस हालत में सलेमपुर क्षेत्र से पुलिस ने बरामद किया था। जिसको उनकी सुपूर्दगी में सौपा गया। किशोरी को बाल कल्याणा समिति के आगे पेश किया गया। जहां से देहरादून स्थित निकेतन भेजने के आदेश दिये गये है। किशोरी की चचेरी बहन पहुंची थी अपनी सुपूर्दगी में लेने के लिए मगर वह किशोरी को केवल माता-पिता या पिफर भाई की ही सुपूर्दगी में देगेें।
