मृतक छात्र चल रहा था तीन दिन से बीमार
स्कूल प्रबंधन पर लगा लापरवाही का आरोप
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। छात्रावास में पढ रहे छात्र की संदिग्ध् परिस्थितियों में मौत हो गयी। जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक मृतक छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोल्डी पुत्र पप्पू उम्र करीब 14 वर्ष निवासी मौहल्ला कड़च्छ ज्वालापुर जेआईसी इण्टर काॅलेज लालढांग हरिद्वार का कक्षा 7 का छात्र था। जोकि वहीं छात्रावास में रह कर पढाई कर रहा था। बताया जा रहा हैं कि बीते दिन स्कूल प्रबंधन का फोन छात्र के पिता के पास पहुंचा और बताया कि उनका बेटा बीमार है। जिसको जिला अस्पताल ले जाया गया है। जब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो मालूम हुआ कि गोल्डी की मौत हो चुकी है। और शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। इस जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा हैं कि जब परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि गोल्डी की तीन दिन से तबीयत खराब थी। जिसको दवा दी जा रही थी, मगर कल उसकी हालत काफी बिगड़ गयी। जिसपर छात्र को उपचार के लिए कनखल स्थित बंगाली अस्पताल ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिये। तब जाकर स्कूल प्रबंधन छात्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां पर चिकित्सकों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने मामले की जानकारी पुलिस को भेज दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक पीडित परिजन की ओर से प्रबंधन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गयी थी। बताया जा रहा हैं कि परिजनों ने इस बात का अफसोस जरूर व्यक्त किया कि उनका बच्चा तीन दिनों से बीमार था। लेकिन उनको सूचना नहीं दी गयी। ऐन वक्त पर उनको सूचना मिली जब बच्चे की तबीयत बिगड़ गयी। मृतक छात्र के पिता पप्पू के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने उनके बच्चे की खराब तबीयत के बारे में जानकारी नहीं दी। जब बच्चे की हालत बिगड़ी तब जाकर सूचना थी। जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तब तक उसके बेटे की मौत हो चुकी थी। वहीं क्षेत्र के लोग स्कूल प्रबंधन की बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति घोर लापरवाही का आरोप लगा रहे है।
