हरिद्वार शहर काग्रेंस के आहवान पर पूर्णतः दोपहर तक बंद रहा
मुकेश वर्मा/ योगेश अरोड़ा/ अजय नेगी
हरिद्वार। कांग्रेस का बढती मंहगाई व पेट्राॅल-डीजल में लगातार बढोत्तरी के विरोध् में भारत बन्द का आहवान आज किया गया था। जिसका असर जनपद हरिद्वार में असर मिला जुला रहा। हरिद्वार शहर दोपहर तक पूरा बाजार पूर्णतय बंद रहा। वहीं रेलवे रोड़, रानीपुर मोड, कनखल, ज्वालापुर, भेल, बहादराबाद, रूडकी सहित अन्य स्थानों पर बंद आसर मिला जुला देखा गया। ज्वालापुर क्षेत्रा में दुकानें बंद को लेकर काग्रेंसियों व व्यापारियों के बीच कुछ झड़पे होती देखी गयी। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते स्थिति का शांत का लिया गया। बता दें कि देश में बढती मंहगाई व पेट्राॅल-डीजल में लगातार बढोत्तरी के विरोध् में भारत बन्द का आहवान काग्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किया था। जिसको विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपना समर्थन दिया था। काग्रेंस नेताओं को भारत बंद को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारियों सौंपी गयी थी। जिसको लेकर हरिद्वार जनपद में भी पार्टी के दिक्कज नेताओं द्वारा प्रेस वार्ता के द्वारा जहां जनता व व्यापारियों से 10 सितम्बर को भारत बंद को सफल बनाने के लिए अनुरोध् किया था। वहीं व्यापारियों से भी सम्पर्क कर बंद को सफल बनाने की कौशिक की गयी थी। काग्रेंसी नेताओं द्वारा बंद को सफल बनाने के लिए चोटी एड़ी का जोर लगाये हुए थे और तीन दिन से व्यापारियों से सम्पर्क में थे। वहीं कुछ काग्रेंसी नेता इस दुविधा में भी देखे गये कि व्यापार मण्डल की अधिकांश इकाईयों पर भाजपा की कमान है। इसलिए भारत बंद के दौरान हरिद्वार की स्थिति क्या होगी? लेकिन काग्रेंस के भारत बंद का असर यात्री स्टेशन होने के बावजूद भी हरिद्वार शहर के भीतर बंद पूर्णतः सफल रहा। व्यापारियों ने सुबह से दोपहर तक बंद का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। लेकिन रेलवे स्टेशन, देवपुरा, रानीपुर मोड़, सिंहद्वार, ज्वालापुर, कनखल, भेल, बहादराबाद, रूड़की में भी भारत बंद का असर मिला जुला देखा गया। काग्रेंस नेताओं व कार्यकत्र्ताओं द्वारा खुली दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया गया। जिनके अनुरोध् पर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर भारत बंद का समर्थन किया। मगर ज्वालापुर क्षेत्र में कई स्थानों पर बंद का कुछ व्यापारियों द्वारा विरोध् किया गया। जिसके चलते बंद समर्थकों व बंद का विरोध् करने वालों के बीच तीखी नोंक झोक हुई। लेकिन भारत बंद के आहवान को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा जनपद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। जिसके चलते बंद के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।