गरीब युवक को खून दिलाने और आर्थिक मदद के लिए बढाये कदम
सिपाही की हो रही चारो ओर प्रशांसा, यातायात सिपाही ने भी दिया खून
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। यातायात पुलिस को अभी आप ने केवल सड़कों पर ट्रेफिक को नियंत्रित करते हुए देखा होगा। लेकिन हम आप को यातायात पुलिस को एक ओर चेहरा दिखाने जा रहे हैं, जोकि मानवता से भरा है। जी हां यह सही हैं कि कभी आप ने यह सोचा भी न होगा कि यातायात पुलिस समाज के लिए एक ऐसी मिशाल छोड़ेगी। जिसको देख व सुनकर उनकी मानवता के लिए कायल हो जाएगें। टीआई के साथ चलने वाले एक यातायात सिपाही ने यह मिशाल समाज व अपने साथियों के लिए पेश की है। जिसने एक गरीब युवक को खून की कमी होने पर उसको चार यूनिट खून का प्रबंध् कराने तथा अपनी जेब से आर्थिक मदद कर रहा है। बता दे कि यातायात टीआई अरविन्द सिंह राणा के साथ चलने वाले यातायात सिपाही गोपाल सिंह थपोला निवासी सत्यम विहार काॅलोनी शांतिकुंज के सामने भोपतवाला हरिद्वार के पडोस में रहने वाली वृद्ध महिला सवित्री देवी पत्नी स्व. प्रमोद कुमार त्यागी लोगों के घरों में चैका बर्तन कर अपने परिवार का पेट भर रही है। जिसको एक बीस वर्षीय बेटा सुशांत त्यागी भी अपनी मां के कंधें से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहा है। जोकि रानीपुर मोड स्थित एक मोबाइल की शाॅप पर काम करता है। लेकिन कुछ दिनों से सुशांत को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया और उसको पीलिया हो गया। जिसके चलते उसकी हालत नाजूक बन गयी। मां ने अपने बेटे को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां पर चिकित्सकों ने खून जांच में पाया कि सूशांत त्यागी में खून की मात्रा 3 ग्राम रह गयी हैं और चार यूनिट खून चढाने की बात कहते हुए सवित्री देवी से खून की बोतल का प्रबंध के लिए कहा गया। सवित्री देवी अपने बेटे की जान बचाने के चक्कर में लोगों के घरों में चौका बर्तन छोड कर खून का इंतजाम करने में जुट गयी। जिसके आगे आर्थिक तंगी के साथ-साथ खून का प्रबंध कराने का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में पड़ोस में रहने वाले यातायात सिपाही गोपाल सिंह को पड़ोसियों से मामले की जानकारी लगी। जिसने सवित्री से मिलकर जहां अपनी ओर से अर्थिक तौर मदद करते हुए खून की यूनिट का प्रबंध कराने का भरोसा दिलाते हुए खून की बोतल का प्रबंध् कराने में जुट गया। यातायात सिपाही ने अपने प्रयास से भीमगोडा क्षेत्र की सर्व सेवा समिति संस्था से सम्पर्क कर एक खून की बोतल का प्रबंध् कराया। साथ ही सिपाही ने एक युवक संजीव खन्ना से भी सम्पर्क कर बीमार पड़े युवक की मदद करने के लिए खून देने के लिए तैयार कर दूसरी खून की बोतल प्राप्त करने में सफलता की। वहीं यातायात सिपाही ने अपने विभाग के एक ओर यातायात सिपाही प्रकाश थापा को भी खून देने के लिए तैयार कर ब्लड बैंक लाकर खून दिलाया गया। जिला अस्पताल में भर्ती सुशांत त्यागी के लिए तीन यूनिट खून का प्रबंध् कराने के बाद यातायात सिपाही गोपाल सिंह अब चौथी यूनिट के प्रबंध् में जुटा है। गोपाल सिंह ने बताया कि चौथी यूनिट भी मिल जाएगी, उसकी अपने विभाग के अन्य साथियों से भी वार्ता हुई है, वह खून देने के लिए तैयार है। यातायात सिपाही की मानवता भरी कौशिश से जहां जिला अस्पताल व ब्लड बैंक के चिकित्सक व कर्मियों प्रभावित है। और उसकी तारिपफ करते हुए नहीं थक रहे है। चिकित्सकों व कर्मियों का कहना हैं कि यदि जनता ऐसे ही मानवता के लिए आगे कदम बढाये तो हर गरीब को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा और खून की कमी से किसी की भी जान नहीं जाएगी। यातायात सिपाही के इस कदम ने जहां उत्तराखण्ड की पुलिस का मान बढाने का काम किया है। वहीं लोगों में पुलिस के प्रति उनका नजरियां भी बदलता देखा जा रहा है।
