सिंचाई विभाग अधिकारी पर नशीली कोल्ड ड्रिक पिलाकर दुष्कर्म का आरोप
पुलिस में सुनवाई ना होने पर पीडिता ने खटखटाया था न्यायालय का दरवाजा
कनखल थाने में तैनात महिला दरोगा पर भी लग रहे आरोप
मुख्यमंत्री, डीजीपी, महिला आयोग व एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। न्यायालय में विचाराधीन मुकदमा वापस लेने के लिए आरोपी सिंचाई विभाग अघिकारी द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दुष्कर्म पीडिता को धमकाने के आरोप का मामला प्रकाश में आया है। आरोप हैं कि फिलहाल पहाड़ में तैनात सिंचाई विभाग का अधिकारी कनखल थानें में तैनात महिला दरोगा से भी पीडिता को मुकदमा वापस लेने या फिर समझौता करने के लिए दबाव डालवाया जा रहा हैं। वरना बात ना मानने पर धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। कनखल थाने में शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई ना होने पर पीडिता ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, डीजीपी उत्तराखण्ड, महिला आयोग उत्तराखण्ड और एसएसपी हरिद्वार को प्रर्थना पत्र भेजकर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
कनखल थाना क्षेत्र जगजीतपुर निवासी पीडिता ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को प्रर्थना पत्र भेज कर शिकायत की है। शिकायत में कहा गया हैं कि सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड में तैनात अधिकारी द्वारा हरिद्वार तैनाती के वक्त उनके मकान में किराये पर रहता था। आरोप हैं कि उसके पति काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने का फायदा उठाते हुए अधिकारी ने कोल्ड ड्रिक में नशीला पदार्थ पिला कर उसके साथ दुष्कर्म करते हुए उसकी अश्लील फोटो व वीडियों मोबाइल में उतार ली।
आरोप हैं कि सिंचाई विभाग अधिकारी उसकी अश्लील फोटो व वीडियों का दिखाकर उसको ब्लेकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। सिंचाई विभाग अधिकारी से परेशान होकर पीडिता ने कनखल थाने में उसके खिलाफ शिकायत की गयी थी। लेकिन कनखल पुलिस ने पीडिता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। पीडिता ने न्याय पाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। आरोप हैं कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने पर आरोपी अधिकारी पीडिता को मुकदमा वापस लेने या फिर समझौता करने का दबाब डाला जा रहा है।
पीडिता का आरोप हैं कि अधिकारी द्वारा कनखल थाने में तैनात एक महिला दरोगा से भी मुकदमा वापस लेने या फिर समझौता करने का दबाव डालवाया जा रहा है, वरना धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजने की धमकी दिलवाई जा रही है। पीडिता के मायके व उसकी शादीशुदा बेटी के ससुराल पहुंचकर भी मुकदमा वापस लेने या फिर समझौते के लिए दबाब बनाने का प्रयास करते हुए धमकी देने का भी आरोप है। पीडिता ने आशंका जताई हैं कि आरोपी अधिकारी उसके साथ कोई भी संगीन वारदात को अंजाम दिला सकता है। क्योंकि उसके घर के आसपास कुछ संदिग्ध व्यक्ति मंडराते हुए देखे जा रहे है।
पीडिता ने प्रर्थना पत्र की एक-एक प्रतिलिपि डीजीपी उत्तराखण्ड, महिला आयोग उत्तराखण्ड और एसएसपी हरिद्वार को प्रर्थना पत्र भेजकर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
