प्रयागराज में दबोचे गये संदिग्ध शख्स से हुआ खुलासा
संदिग्ध शख्स ने 29 नवम्बर को आश्रम में पहुंचकर की थी रैकी
कार के नम्बर से लेकर रूट की पूरी ली थी जानकारी
आश्रम का नक्शा भी तैयार कर लेने का लगाया आरोप
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। निरंजनी आखाडे के आचार्य महामंडलेश्वर ने खुद की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग की है। निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलााशानंद गिरि ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी हत्या करना चाहते है। जिन्होंने हत्या की साजिश के तहत 29 नवम्बर को एक शख्स को उनकी रैकी के लिए दक्षिण काली मन्दिर आश्रम में भेजा था। जोकि 5 घंटे आश्रम में रहा और इसी दौरान उसने चार कर्मियों से सम्पर्क करते हुए उनकी रोजाना की दिनचार्य की जानकारी लेते हुए आश्रम का नक्शा भी तैयार किया।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि रविवार को दक्षिण काली मन्दिर आश्रम में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने बताया कि शख्स ने आश्रम में फर्जी नाम से रजिस्ट्रेशन कराया और पांच सौ रूपये की गउशाला की रसीद भी कटवाई थी। आरोप लगाया कि शख्स ने उनकी गाड़ियों के नम्बर और रूट की पूरी जानकारी हासिल की थी। दक्षिण काली मन्दिर आश्रम में उनका जन्मोत्सव 01 जनवरी 23 को मनाया जाना हैं। आरोप लगाया कि इस दौरान शख्स द्वारा खीर में जहर मिलाकर मारने की योजना तैयार की थी। प्रयागराज पुलिस ने संदिग्ध शख्स को दबोच लिया है। जिससे पुलिस, एसटीएफ समेत खुफिया एजेंसियां पूछताछ में जुटी है। सच्चाई जल्द सब के सामने आ जाएगी।
वह चाहते हैं कि उनकी हत्या की साजिश रचने वाले बेनकाब हो। उनको सरकार से वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई हैं उसके बावजूद कुछ लोग उनकी हत्या की साजिश रच रहे है। हत्या करने की साजिश की वजह उन्होंने बताते कहा कि देश के बड़े संतों की देश-विदेश में बढती ख्याति के चलते उनकी हत्या करने की सजिश रचने की बात कही है।
पत्रकार वार्ता के दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रविन्द्र पुरी, महामंत्री महंत हरिगिरि महाराज आदि मौजूद रहे।
