बिजली बिल जमा कराने के नाम पर ठगों ने बनाया शिकार
ठगी का एहसास होते ही मोबाइल किया स्वीच आफ
समझदारी से 95 हजार की रकम खाते से जाते-जाते बची
चिकित्साधिकारी ने साइबर क्राइम सैल में की शिकायत
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी से आन लाइन बिजली बिल जमा कराने के नाम से एक लाख ठगी का मामला प्रकाश में आया है। बिद्युत विभाग कर्मी बनकर आन लाइन ठगों ने चिकित्साधिकारी को अपने झांसे में लेकर उनको अपनी ठगी का शिकार बना डाला। गनीमत यह रही कि चिकित्साधिकारी को ठगी का एहसास होते ही उन्होंने अपना मोबाइल स्वीच आफ कर दिया। जिससे उनके खाते से 95 हजार की रकम उड़ते-उड़ते बच गयी। जिसकी शिकायत चिकित्साधिकारी ने साइबर क्राइम सैल से की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल केे चिकित्साधिकारी डाॅ. चंदन मिश्रा के पास शनिवार की दोपहर को एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि आप का बिजली का बिल जमा नहीं है, यदि बिजली बिल जमा नहीं कराया तो आज रात को कनेक्शन काट दिया जाएगा। मोबाइल पर आये मैसेल को उन्होंने नजर अदांज कर दिया, क्योंकि वह बिल जमा करा चुके थे।
लेकिन साइबर ठगों ने उसी दिन शाम को काॅल कर फिर लिखा मैसेस रिपीट किया। जिसपर चिकित्साधिकारी ने बिल जमा होने की जानकारी दी गयी, लेकिन बिद्युत विभाग के नाम पर काॅल करने वाले ने बिजली बिल जमा नहीं होने की जानकारी देते हुए कनेक्शन काटने की बात कही। काॅलर ने उनको आन लाइन पैसा जमा करने को बोल दिया।
जिसपर विश्वास कर उन्होंने आन लाइन बिल भर दिया, लेकिन तभी काॅलर ने फिर काॅल कर बोला अभी पैसा नहीं आया है, लगता हैं कि आप का नेट स्लो चल रहा है। इसलिए आप को एक एप्प भेज रहा हॅू। उसको फिलप कर भेेज दो, जिसपर चिकित्साधिकारी ने एतराज जताया, लेकिन ठगों ने उनको अपने झांसे में लेकर अपनी बात मनवा ली और एक रूपये ट्राॅसफर के लिए बोला गया, तभी उनके खाते से एक लाख रूपया निकल गया।
चिकित्साधिकारी डाॅ. चंदन मिश्रा को समझते देर नहीं लगी कि वह आन लाइन ठगी के शिकार हो गये है। उन्होंने तत्काल समझदारी दिखाते हुए मोबाइल स्वीच आफ कर दिया। जिसकी शिकायत उन्होेंने कोतवाली नगर पहुंच कर की। चिकित्साधिकारी डाॅ. चंदंन मिश्रा की शिकायत को साइबर क्राइम सैल रेफर कर उनके खाते को बंद करा दिया गया। जब उन्होंने मोबाइल खोला तो एक मैसेज नजर आया, जिसमें 95 हजार ट्रासफर फैल होने का था। यदि चिकित्साधिकारी समझदारी नहीं दिखाते तो उनके खाते एक 95 हजार भी निकल जाते।
चिकित्साधिकारी डाॅ. चंदन मिश्रा ने बताया कि बिजली बिल जमा करने के नाम पर उनके साथ आन लाइन एक लाख की ठगी की गयी है। जिसकी शिकायत उनके द्वारा साइबर क्राइम सैल से की गयी है।
