दोनों दलों के भीतर नाकाबपोश नेता कर रहे नौंटकी
राजनीतिक जानकार भी हरिद्वार सीट पर कुछ बोलने से बच रहे
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। हरिद्वार विधानसभा सीट पर सीधी टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है। लेकिन अभी तक कहना मुश्किल हैं कि जनता का रूझान किस ओर जाएगा। लेकिन अभी तक चुनाव में रंग नहीं चढा हैं जो अभी बाकी है। जिसके बाद ही किसी भी दल के सम्बंध में आकलन निकाला जा सकता है। मगर शुरूआती दौर में देखा जाए तो स्थिति दोनों दलों के लिए साफ होती नजर नहीं आ रही है। दोनों ही दलों के प्रत्याशियों के लिए उनके ही दलों के नाराज नेता और कार्यकत्र्ता उनकी मुसीबते बढाये हुए है। प्रत्याशियों को दो तरफों से जुझना पड़ रहा है। एक तरह जनता के बीच जाकर एक-दूसरे की दलों व प्रत्याशियों की नाकामी का पिटारा खोलना पड़ रहा हैं। वहीं अपने दलों के नाराज नेताओं व कार्यकत्र्ताओं को मनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना हैं कि दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच ऐसे भी नाकाबपोश नेता भी हैं तो दिखावे के लिए अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ होने का नाटक कर रहे है। लेकिन असल में उनका मकसद अपने प्रत्याशी का जितना नहीं बल्कि ठिकाने लगाना है। जिसके चलते दोनों ही दलों में भीतरी घात से चोट पहुंचने का अंदेशा बना हुआ है। ऐसा नहीं कि दोनों दलों के प्रत्याशियों को इस बात की खबर नहीं हैं, लेकिन क्या करें उनको उन पर विश्वास करने के अलवा कोई चारा भी नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी और भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक एक-दूसरे से कम भी है दोनों ही नेता मंझे खिलाड़ी है।
लेकिन इतना तय हैं कि विधानसभा चुनाव 2022 दोनों दलों के प्रत्याशियों के लिए यादगार साबित होगा। हरिद्वार विधानसभा सीट पर कांग्रेस से सतपाल ब्रहा्रचारी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कृपा पात्र से टिकट तो हासिल कर लिया। लेकिन उनको भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक को हरा पाना इतना आसान नहीं हैं, जितना की वह समझ रहे है। लेकिन इस बार तो हाथ से निकलते चुनाव को अपने पक्ष में करने में माहिर भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक के लिए भी हरिद्वार से आसानी से सीट निकाल पाना इतना आसान नजर नहीं आ रहा है। इस बार तो उनको अपने प्रतिद्वंदी से ज्यादा अपने ही नाराज नेताओं व कार्यकत्र्ताओं से डर सता रहा है।
सवाल यह पैदा होता हैें कि जब दोनों दलों में इस तरह की स्थिति बनी हुई हैं तो आखिर कौन सा दल का प्रत्याशी जीत हासिल करेगा?, अगर राजनीति जानकारों की बात माने तो यह चुनाव इस बार काफी रौचक होने जा रहा है। जिसको लेकर अभी से कोई भी आंकलन लगा पाना मुश्किल है। दोनों दलों के भीतर की स्थिति एक ही तरह की नजर आ रही है, शहर की जनता व राजनीति जानकार अपने-अपने तरिके से कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के जीत को लेकर आकड़े बैठाने में लगे है। लेकिन किसी का भी आंकड़ा अभी तक किसी दल के प्रत्याशी की जीत की ओर इशारा नहीं कर पा रहा है।

