विभिन्न प्रांतों के लोगों को रजिस्ट्री कर नहीं दिया जा रहा कब्जा
पीडित करीब 15 सौ करोड़ हड़पने का बिल्डर्स पर लगा रहे आरोप
आरोपः बिल्डर्स ने एक ही प्लाट को कई-कई लोगों को बेचा
पीडित न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर
थाने से लेकर डीएम व मुख्यमंत्री पोर्टल तक लगा चुके गुहार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र में आवासीय प्लाट बेचने के नाम पर करीब 1200 सौ लोगों के साथ धोखाधड़ी करते करोड़ों रूपये लेकर रजिस्ट्री करने के बाद भी प्लाट पर कब्जा ना देने तथा एक ही प्लाट को कई-कई लोगों को बेच देने के आरोप का मामला प्रकाश में आया है। पीडित लोगों ने बिल्डर्स व उनके पार्टनर्स पर गम्भीर आरोप लगाते कहा हैं कि गांव शंातरशाह के पास क्रिस्टलवर्ड के पीछे संतुर सिटी, हर-हर गंगे व आदियोगी विहार के नाम से कॉलोनी में प्लाट देने का झांसा देकर प्लाटो की बुकिंग वर्ष 2007 में शुरू की गई थी। जिसके सम्बंध बड़े-बड़े अखबारों में इसका विज्ञापन दिया गया था। उत्तराखण्ड देवभूमि व धर्मनगरी हरिद्वार के नाम पर विभिन्न प्रांतों के लोगों ने विज्ञापन पर विश्वास करते हुए अपने खून-पसीने की कमाई रिटायर्डमेंट के पैसे व लोन लेकर प्लाट की बुकिंग कराई गयी थी। इस बात की जानकारी बिल्डर्स से पीडित करीब दो दर्जन से अधिक लोगों ने प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान दी।
पीडितों ने बताया कि बिल्डर्स व उसके पार्टनर्सो ने प्लाट देने के नाम पर कुछ लोगों से पूरा पैसा लेकर रजिस्ट्री कराकर दाखिल खरिज कराया पर कब्जा नहीं दिया गया। कुछ लोगो से पूरा पैसा लेकर रजिस्ट्री कराई गई पर प्लाट का दाखिल खारिज नहीं कराया गया। कुछ लोगों से पूरा पैसा ले लिया, लेकिन उनको रजिस्ट्री नहीं की जा रही और कुछ लोगों ने पार्ट पेमेंट किया था उनका अनाधिकृत प्लाटों का फर्जी बैनामा देकर उनसे अलग से उन्हें ब्लैक मेल करते हुए और पैसे मांगे जा रहे है। आरोप हैं कि बिल्डर्स ने लोगों को वादा किया था कि एचआरडीए से अधिकृत कराकर बुकिंग कराई जाएगी, लेकिन साईड प्लान आजतक नहीं दिखाया गया है। पीडितों ने आरोप लगाया कि प्लाटों की रजिस्ट्री किसानों की खेती को काट कर प्लाटिंग की गई है। बिल्डर्स द्वारा पिछली रसीदों को लेआउट दिखाकर अतिरिक्त पैसों की मांग की जा रही है। प्लाटों पर एसआरडीए की भी कोई स्वीकृत नहीं है। लोगों को बेचे गये प्लाट पर कोई मार्किग नहीं की गई हैं और ना ही कोई पैमाश की गई है।
आरोप हैं कि एक ही प्लाट को कई-कई लोगों को बेचकर पैसा ले लिया गया है। बिल्डर्स व उसके पार्टनर्सो ने करीब 1200 लोगों को प्लाट का पूरा पैसा लेकर रजिस्ट्री करा दी गई है। वहीं 5000 लोगों से ज्यादा पार्ट पेमेंट वसूला गया है। पीडितों का आरोप हैं कि बिल्डर्स व उसके पार्टनर्सो ने विभिन्न राज्यों के लोगों को धोखा देकर उनकी गाढी कमाई जोकि करीब 15 सौ करोड़ से अधिक धनराशि हड़प ली गई है। पीडितों द्वारा बहादरबाद थाने से लेकर डीएम और सीएम पार्टल तक मामले की शिकायत करते हुए उनको प्लाट पर कब्जा दिलाने या फिर उनसे वसूला गया पैसा दिलाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन आज तक उनको न्याय नहीं मिल पाया है। पीडितों ने डीएम से मांग की हैं कि पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की जाए।
गम्भीर आरोप हैं कि विल्डर्स की गिरफ्तारी के लिए हाईकोर्ट से गिरफ्तारी ऑर्डर होेने के बावजूद पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर रही है। जबकि बिल्डर्स के एक महिला पार्टनर पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की गयी है, लेकिन वह खुलेआम घुम रही है। वहीं एक पार्टनर तो बाबा का चोला ओढ कर हरिद्वार में बाबा बना धुम रहा है। पीडितों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी से पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी से करते हुए उनको न्याय दिलाने की मांग की है।
प्रेसवार्ता करने वाले पीडितों में विपिन त्यागी, प्रवीण शर्मा, नीलम कुमारी उपाध्याय, डॉ. निशचल, सीमा शर्मा, अनिल गोयल, शोभा, अमित गोयल, अरूणा गुप्ता, मंजू त्यागी, रवि केसवानी, बीरपाल अग्रवाल, अंकुर मित्तल, राजाराम चौहान, सेवा राम, महेश दत्त आदि मौजूद रहे।
