एसआईटी टीम ने डेविड को भगवानपुर से दबोचा
जेई भर्ती परीक्षा प्रकरण में भी शामिल होने की हुई पुष्टि
वन दरोगा भर्ती पेपर लीक प्रकरण में भी जा चुका जेल
नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में हैं वंछित
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। आखिर एसआईटी टीम ने पटवारी पेपर लीक प्रकरण में फरार चल रहे पचास हजार के इनामी डेविड को भगवानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। जोकि एसआईटी टीम को गच्चा देकर फरार होने में कामयाब हो रहा था। आरोपी वन दरोगा भर्ती पेपर लीक प्रकरण में ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में जेल जा चुका है।वहीं कोतवाली लक्सर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में वंछित चला आ रहा है। एसआईटी ने आरोपी को दर्ज मुकदमें में निरूद्ध करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। इस बात की जानकारी एसएसपी हरिद्वार अजय सिंह ने दी है।

उन्होंने बताया कि पटवारी/लेखपाल भर्ती पेपर लीक प्रकरण में फरार चल रहे पचास हजार के इनामी डेविड पुत्र साधु राम निवासी बाकरपुर कोतवाली लक्सर हरिद्वार को रविवार की शाम को सूचना पर भगवानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। जोकि अपने साथियों के साथ मिलकर पटवारी/लेखपाल भर्ती में अभ्यर्थियों से लाखों रुपए व एजुकेशन डॉक्युमेंट प्राप्त कर उन्हें बिहारीगढ स्थित रिसॉर्ट में परीक्षा की तैयारियां कराने के मामले फरार चल रहा था।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी डेविड के खिलाफ माननीय न्यायालय स्पेशल जज सतर्कता देहरादून द्वारा गिरफ्तारी का अधिपत्र जारी किया गया था तथा आईजी गढवाल रेंज करण सिंह नगन्याल द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित किया गया था। डेविड के अपने साथियों के साथ मिलकर जेई भर्ती परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की धनराशी लेकर प्रश्न पत्र लीक किये जाने व षडयन्त्र में शामिल होने की पुष्टि भी हुई है।
उन्होंने बताया कि जबकि वर्ष 2021 में वन दरोगा भर्ती पेपर लीक प्रकरण में आरोपी डेविड ब्लूटूथ से नकल कराने के मामले में जेल जा चुका है। साथ ही नौकरी के नाम पर ठगी कर रकम ऐठने का मामला कोतवाली लक्सर में दर्ज मुकदमें में भी फरार चल रहा हैं। एसआईटी ने आरोपी को दर्ज मुकदमें में निरूद्ध करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
