महिला के मिलने की उम्मीद छोड़ चुके परिवार में खुशी लौटी
परिजनों ने कुंभ पुलिस का दिल से किया आभार
कुंभ पुलिस अब तक 400 बिछुडों को परिजनों से मिला चुकी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कुंभ में बिछुडे अगले कुंभ में मिले ऐसी कहानी आपने फिल्मों में देखी होगी। लेकिन कुंभ 2021 हरिद्वार की कुंभ पुलिस ने पूर्व अर्धकुंभ में परिजनों से बिछुडी महिला को परिजनों से मिलाने मे कामयाबी हासिल कर दिखाई है। महिला के मिलने उम्मीद छोड चुके परिजनों को जब पुलिस से सूचना मिली कि महिला को ऋषिकेश में मिली है, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा, परिजन ऋषिकेश पहुंचे। महिला और परिजनों के भावनात्मक मिलन को देखते हुए वहां मौजूद लोगों के आंखे भी नम हो गयी। महिला को अपना परिवार मिल जाने पर परिजनों सहित महिला ने कुंभ पुलिस का दिल से आभार जताया। कुंभ पुलिस ने अब तक कुंभ 2021 के खोया पाया केंद्र से 400 लापता लोगों को परिवार से मिलवा चुकी है।
कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल के कुंभ मेला की सुरक्षा के दृष्टिगत बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के निर्देश पर कुंभ मेला पुलिस ने अपने सत्यापन अभियान के दौरान ऋषिकेश में 11 जनवरी 2021 को त्रिवेणी घाट परिसर में निवासरत एक महिला श्रीमतीकृष्णा देवी पत्नी ज्वाला प्रसाद ग्राम नदे पार पोoजोगिया उदयपुरय जिला सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश का सत्यापन कराने के लिए उसके द्व़ारा बताये गये पते के सम्बंधित थाना पुलिस से सम्पर्क किया गया।
जिसके आधार पर कुंभ पुलिस को मालूम हुआ कि उक्त महिला अर्धकुंभ 2016 के मेले मेें स्नान के दौरान लापता हो गयी थी। जिसकी तलाश परिजनों द्वारा की गयी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था। महिला के सम्बंध में थाना जोगिया उदयपुर जिला सिद्धार्थ नगर में दर्ज करायी गयी थी। परिजन महिला के मिलने की उम्मीद छोड चुके थे। जब उनको पांच साल बाद महिला के जिंदा होने और सकुशल मिलने की सूचना पुलिस से मिली तो उनका खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सूचना पर महिला का बेटा दिनेश्वर पाठक अपनी बेटी उमा उपाध्याय के साथ ऋषिकेश पहुंचा। जहां पर कुंभ पुलिस के संरक्षण में मां को देखकर भावनात्मक मिलन को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखे भी नम हो गयी। परिजनों ने कुंभ पुलिस का आभार वक्त करते कहा कि कुंभ पुलिस ने पांच साल बाद उनके घर में खुशी लौटा दी है। जिसके लिए कुंभ पुलिस की जितनी प्रशांसा की जाये कम है। महिला ने परिजनों सहित कुंभ पुलिस को बताया कि गुमशुदगी के दौरान उसके द्वारा हरिद्वार, अयोध्या, मथुरा, वृदावन गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि तीर्थ की यात्रा कर चुकी है।
