


बड़ा बाजार के व्यापारियों ने भी किये अपने प्रतिष्ठान बंद
बंद व खुला समर्थकों के बीच हुई नोंकझोक
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला व्यापार मण्डल का आज बाजार बंद करने का आहवान जीरो जोन में पूरी तरह सफल रहा। बस अड्डे से लेकर हरकी पौड़ी तक बाजार पूरी तरह बंद रहे। इतना नहीं बड़ा बाजार मण्डल इकाई अध्यक्ष के बंद से अलग होने की घोषणा भी हवाई साबित हुई। हरकी पौड़ी से सटा बड़ा बाजार भी पूरी तरह बंद देखा गया। आरोप हैं कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की आड़ में व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहा है। जिसको लेकर बीते दिन जिला व्यापार मण्डल सहित अन्य व्यापारियों से जुडे संगठनों ने जीरो जोन का बाजार बंद कर अपना विरोध् प्रकट करने की आहवान व्यापारियों से किया गया था। लेकिन बाजार बंद के इस आहवान के खिलाफ बड़ा बाजार व्यापार मण्डल की इकाई ने अपने को बंद से अलग कर लिया था। जिसके बाद जीरो जोन में शहर के सभी व्यापार मण्डल के बाजार बंद के आहवान पर संशय की स्थिति पैदा हो गयी थी। जबकि बड़ा बाजार व्यापार मण्डल जीरो जोन की सब से बड़ी व्यापार इकाई माना जाता है। जिसके अध्यक्ष सतेन्द्र वर्मा ने शहर के सभी व्यापार मण्डल की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कई आरोप मढ दिये थे और अपने बाजार के व्यापारियों से अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलने को कहा था। एक तरफ जीरो जोन में पड़ने वाले व्यापार मण्डल की इकाईयां व जिला व्यापार मण्डल के पदाधिकारी बंद को सफल बनाने में जुटे थे। वहीं बड़ा बाजार व्यापार मण्डल अध्यक्ष सतेन्द्र वर्मा अपने बाजार सहित अन्य इकाईयों के व्यापारियों से सम्पर्क कर बाजार खुला रखने का अनुरोध् कर बंद को असफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे थे। जिला व्यापार मण्डल के आहवान पर आज सुबह से ही बस अड्डे से लेकर हरकी पौड़ी तक बाजार बंद रहे, बंद समर्थक टोली बनाकर जीरो जोन में धुुमते हुए बंद का जायजा लेते रहे। जहां पर भी दुकान खुली नजर आयी। वहां उन्होंने दुकानें बंद करायी। वहीं बड़ा बाजार सुबह खुला देखा गया। लेकिन जब जिला व्यापार मण्डल पदाधिकारियों सहित अन्य व्यापारी नेताओं को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने खुली दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया। बताया जा रहा हैं कि इसी बात को लेकर दोनों खेमों के व्यापारी नेताओं के बीच तीखी नोंक झोक हुई। लेकिन बाद में बड़ा बाजार के व्यापारियों ने ही खुद ही विवाद में न पड़ते हुए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिये। जोकि दोपहर बाद पुनः खुल गये।
