
लोनिवि ने व्यापारियों से चिन्हित अतिक्रमण को स्वयं हटाने को कहा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। लोक निर्माण विभाग के अध्किारियों ने बस अड्डे से लेकर रेलवे रोड़ पर पैमाईस कर सड़क पर हो रहे अतिक्रतण को चिन्हित करते हुए निशान लगाये। इस मौके पर भारी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे और अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते रहे। जिसकारण क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा हो गयी। जिसको निरन्तर बनाये रखने के लिए पुलिस की मदद ली गयी। जिन क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की टीम ने अतिक्रमण चिहिन्त कर निशान लगाने का काम पूरा कर लिया। उस क्षेत्रा के व्यापारियों ने राहत की सांस ली। जबकि जिन क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की टीम ने अतिक्रमण चिहिन्त कर निशान लगाने की कार्यवाही नहीं की है। उन क्षेत्रों के व्यापारियों की दिल की धड़कने तेज है। बताते चले कि हाईकोर्ट के आदेश पर शहर में हो रहे अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण की टीमें जुटी है। लेकिन वहीं व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण हटाओं अभियान की आड़ में अधिग्रहण करने तथा व्यापारियों का उत्पीड़न करने का आरोप प्रशासन पर लगा रहे है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी सड़क पर हो रहे अतिक्रमण को पारदर्शीता व ईमानदारी के साथ हटाने की बात कह रहे है। व्यापार मण्डल ने प्रशासन के अभियान के खिलाफ जीरो जोन का बाजार बंद करने का आहवान किया था। इस आहवान के बाद भी लोक निर्माण विभाग की टीम ने बस अड्डे से लेकर रेलवे रोड पर सड़क पर हो रहे अतिक्रमण का पैमाईस से चिहिन्त कर निशान लगाने का काम जारी रखा। जिस क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की टीम अतिक्रमण को चिहिन्त करने में जुटी थी वही क्षेत्र के व्यापारियों का हुजूम भी मौजूद था। जोकि अधिकारियों से तालमेल बनाकर उनको पैमाईस में आ रही दिक्कत के सम्बंध् में सहयोग कर रहे थे। जिन क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग ने अपनी पैमाईस कर अतिक्रमण चिहिन्त का काम पूरा कर लिया, वहां के व्यापारियों ने चैन की सांस ली है। लोक निर्माण विभाग के अध्किारियों ने व्यापारियों से पैमाईस के द्वारा चिन्हित किये गये अतिक्रमण को स्वंय ध्वस्त करने का अनुरोध् किया है। जबकि जिन क्षेत्रों का चिन्हिकरण होना हैं, वहां के व्यापारियों के दिल की धडकने तेज है। लोक निर्माण विभाग की चिन्हिकरण की काम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम जिन अतिक्रमण को व्यापारी द्वारा नहीं हटाया गया है। उस अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
