पदोन्नति व प्रोत्साहन भत्ते को लेकर राज्य कर्मचारी संघ में उबाल
मांगों को लेकर आरपार की लड़ाई के मूड़ में नजर आ रहा संघ
अधिकारी पर लग रहा मांगों को नजर अदांज करने का आरोप
सीएमओ कार्यालय भी कर्मचारी संघ के आक्रोश के निशाने पर
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड द्वारा ऋषिकुल एवं गुरुकुल के कर्मियों की कई वर्षों से पदोन्नति मांग को लेकर संघ सम्बंधित अधिकरियों से आग्रह किया जा रहा हैं। लेकिन कर्मचारियों की जायज मांगों के आग्राह को अधिकारी नजर अंदाज कर रहे है। जिसको लेकर कर्मचारियों में अपनी मांगों के प्रति दिखाई जा रही उदासीनता को लेकर आक्रोशित है। विभागीय अधिकारियों के व्यवहार से नाराज कर्मचारी संघ अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है।
कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों के लेकर अपनी रणनीति तैयार करते हुए आंदोलन की राह पर आगे बढने के लिए अपने कदम उठाने के लिए मजबूर होते देखे जा रहे है। कर्मचारी संघ ने अपनी रणनीति के तहत एक बैठक कर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीडा व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों द्वारा उनके साथ सौतेला व्यवहार किये जाने की शिकायत करते हुए तथा कर्मचारियों में पनप रहे आक्रोश से अवगत करायेगेें।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेडा, प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तेश्वर, ऑडिटर महेश कुमार, उपशाखा अध्यक्ष ऋषिकुल छत्रपाल सिंह, गुरुकुल उपशाखा के मंत्री आशुतोष गैरोला, उपाध्यक्ष ताजबर नेगी ने संयुक्त रूप से कहा कि सभी विभागों में मुख्यमंत्री एवं शाशनदेशानुसार पदोन्नति कर दी गई है लेकिन आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य के कर्मचारियों के साथ उत्तराखंड में सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जिसके लिए कुलपति आयुर्वेदिक विश्विद्यालय हर्रावाला देहरादून को ज्ञापन भेजा गया है कि कर्मचारियों की पदोन्नति जिस कार्य को कर्मचारी कर रहे हैं, उस पद जैसे पंचकर्म सहायक, योग प्राकृतिक चिकित्सा सहायक, लेब सहायक, ओ टी सहायक, डार्करूम सहायक के पद पर कर दिया जाए। जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति भी हो जाएगी और शासन और सरकार पर कोई वित्तीयभार भी नही होगा। क्योंकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वर्तमान में 1900, 2400, 2800 ग्रेड पे पर है। इसलिये जल्द से जल्द शासन और सरकार से अनुमति लेकर पदोन्नति की जाए ,नही तो चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ जो बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगा। जिसकी सम्पूर्ण उत्तरदायित्व आयुर्वेद विश्वविद्यालय का होगा।

जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जिलामंत्री राकेश भँवर, जिला कोषाध्यक्ष अजय कुमार, उपशाखा अध्यक्ष छत्रपाल सिंह, गुरुकुल के मंत्री आशुतोष गैरोला, उपाध्यक्ष ताजबर नेगी, संयुक्त सचिव मोहित मनोचा ने संयुक्त रूप से कहा कि कोविड महामारी के दौरान ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेदिक चिकित्सालय को कोविड हॉस्पिटल बनाया गया था और कर्मचारियों ने ड्यूटी भी की। लेकिन उनको प्रोहत्साहन भत्ता नहीं दिया गया। जबकि प्रोत्साहन भत्ता सिर्फ चिकित्सा स्वास्थ्य के चिकित्सा अधिकारियों और एनएचएम कर्मचारियों को दिया गया। जबकि जिस मेहनत से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों, उपनल, ठेका सफाई कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों ने कार्य किया। उनको पूरी तरह नजर अदांज किया गया।
कहा कि जिस तरह से विभागीय अधिकारी चतुर्थ कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम कर रहे है। जिस तरीके से चतुर्थ कर्मचारियों के सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कर्मचारी संघ को किसी भी स्तर पर जाकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़े, उससे पीछे नहीं हटा जाएगा। वहीं कावड़ मेले में कर्मचारियों को ड्यूटी करने के एवज में यात्रा भत्ता दिया जाता है, लेकिन दुखद हैं कि सीएमओ हरिद्वार कार्यालय द्वारा गड़बड़ झाला कर कर्मचारियों के लिए यात्रा बजट को वापस कर दिया गया। यदि मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार द्वारा चतुर्थ कर्मचारियों की मांगों के सम्बंध में गम्भीरता ना दिखाते हुए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
