आरोपी से दो लाख, चार ब्लैक चेक और एलईटी बरामद
रुडकी में जीनियस नाम से संचालित करता हैं कोचिंग सेंटर
अब तक एसआईटी कर चुकी चार आरोपियों को गिरफ्रतार
मुख्यारोपी ने एसआईटी टीम के आगे खोले पेपर लीक के कई राज
परीक्षा रद्द कराने के लिए पैसा देकर करता था धरना-प्रदर्शन
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जेई/एई परीक्षा पेपर लीक मामले के एसआईटी टीम ने मुख्यारोपी कोचिंग सेंटर संचालक को गिरफ्रतार किया है। आरोपी से दो लाख की नगदी, चार ब्लैक चेक और एलईटी बरामद की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने टीम के सामने कई राज उगले है। एसआईटी टीम जेई/एई परीक्षा पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को पूर्व में गिरफतार कर जेल भेज चुकी है। कोचिंग सेंटर संचालक पेपर लीक मामले में चैथी गिरफतारी है। इस बात का खुलासा एसएसपी अजय सिंह ने शुक्रवार को रोशनाबाद स्थित पुलिस कार्यालय सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पटवारी परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद जेई/एई परीक्षा में पेपर में धांधली की शिकायत मिल रही थी। शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा एसआईटी जांच के आदेश दिये गये थे। एसआईटी टीम ने जांच के दौरान जेई/एई परीक्षा में पेपर लीक मामला पकड़ा था। जिसके बाद एसआईटी ने कनखल थाने 03 फरवरी 23 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेई/एई परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में एसआईटी टीम तीन आरोपियों संजीव कुमार पुत्र वैधयनाथ भगत निवासी मौहल्ला शिवपुरी थाना व जिला सहरसा बिहार हाल पता भागीरथ आवासीय कालोनी लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड कनखल हरिद्वार, नितिन चैहान पुत्र ब्रह्मपाल निवासी अन्नेकी सिडकुल हरिद्वार और सुनील सैनी पुत्र ज्ञानचन्द सैनी निवासी पुर्वावाला थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार को पूर्व में गिरफ्रतार कर जेल भेज चुकी हैं।
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एसआईटी द्वारा पूछताछ के दौरान जेई/एई परीक्षा पेपर लीक मामले में अहम जानकारी दी थी। जिसके आधार पर एसआईटी टीम ने जांच के दौरान इस प्रकरण के मुख्यारोपी कोचिंग सेंटर संचालक विवेक ऊर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुडघियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार को गिरफतार कर लिया। जिसके पास से एसआईटी टीम ने दो लाख की नगदी, चार ब्लैक चेक और एलईटी बरामद की है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ पर मुख्यारोपी ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में रुडकी में जीनियस नाम से कोचिंग सेंटर संचालित करता है। जिसमें जेई के परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी करता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने पेपर लीक करने वाले गिरोह में शामिल होकर कुछ अभ्यर्थी से पेपर देने के एवज में 19 लाख रुपए तय किए। जिनसे एडवांस के तौर पर कुछ धनराशि एवं ब्लैंक चेक लिए गए। अवैध धनराशी में से कोचिंग सेन्टरों में एलईडी आदि जिनका मुल्य करीब 8.5 लाख है।
कप्तान ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी सोच भी जाहिर करते हुए खुलासा किया कि अगर उसके कोचिंग सेंटर से ज्यादा लडके सेलेक्ट होंगे, तो उसके कोचिंग का नाम होगा और तभी ज्यादा लडके उसके कोचिंग सेंटर पर आएंगे। अगर उसके सेंटर से लडके सेलेक्ट नहीं होते हैं, तो वह परीक्षा रद्द कराने के लिए पैसा देकर धरना-प्रदर्शन भी करा देते है। एसआईटी ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान क्राइम एसपी श्रीमती रेखा यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
