खुलासाः युवक का अपहरण कर हत्या करने का था इरादा
अपहरण में नाकाम रहने पर युवक को मारी थी गोली
घटना में शामिल चार आरोपी अभी भी फरार, तलाश जारी
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। प्रेमनगर आश्रम के समीप 05 अक्टूबर की रात को युवक को गोली मार कर घायल करने वाले मुख्यारोपी को ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्रतार कर लिया। जबकि उसके चार साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि युवक के अपहरण कर हत्या करने की उनकी मंशा थी। लेकिन अपहरण करने में नाकाम रहने पर युवक को गोली मारी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि निरूपम भारद्वाज पुत्र श्रीकांत निवासी मौहल्ला झाड़ान पीठ बाजार ज्वालापुर हरिद्वार ने 06 अक्टूबर को तहरीर देकर शिकायत की थी। तहरीर में कहा गया कि 05 अक्टूबर की रात को उसके बेटे आयुष भारद्वाज और उसके दोस्त को कई अज्ञात बदमाशों ने चन्द्राचार्य चौक के पास अपहरण करने का प्रयास किया। लेकिन अपहरण करने में नाकाम रहने पर बदमाश उसके बेटे को गोली मारकर घायल कर फरार हो गये।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए एक बदमाश की शिनाख्त करते हुए उसको रेगुलेटर पुल नहर पटरी से दबोच लिया। जिसको कोतवाली लाकर पूछताछ की गयी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अभिषेक तेवरिया पुत्र सुदेश पाल निवासी गंगनगर मेरठ यूपी बताते हुए खुलासा किया कि आयुष भारद्वाज और उसकी बिजनौर की एक लड़की से दोस्ती थी।
आयुष भारद्वाज ने लड़की को उधर पैसे दिये थे जिसको उनकी दोस्ती के सम्बंध में जानकारी लगने पर उसने लड़की से उधारी वापस ले ली थी। जिसकी जानकारी लड़की ने उसको दी। जिसपर उसने आयुष भारद्वाज को सबक सिखाने के लिए अपने मामा के बेटे अरूण कुमार पुत्र विनोद निवासी छिलोरा भावनपुर मेरठ, कपिल पुत्र लोकेश निवासी उपरोक्त, नितिन मलिक पुत्र सुरेन्द्र पाल निवासी औरगांबाद गडाना मोदीनगर यूपी और शाहनवाल उर्फ बिल्ला पुत्र नसरूद्वीन निवासी मौहल्ला कड़च्छ ज्वालापुर को अपने साथ मिलकर अपहरण कर ठिकाने लगाने की प्लानिंग की थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आयुष भारद्वाज को फोन कर मौके पर बुलाया जोकि अपने दोस्त के साथ पहुंचा। जिन्होंने दोनों का अपहरण कर कार में डालने की कौशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसके साथी कपिल ने आयुष भारद्वाज को गोली मारकर फरार हो गये। कपिल के खिलाफ भावनपुर मेरठ में कई मुकदमें दर्ज है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। शेष फरार चल रहे चारों आरोपियों को दबोचने के लिए उनके सम्भावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
