
अशोक वर्मा/ हरीश संतवानी
हरिद्वार। मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ आज पतंजलि योगपीठ पहुंचे। पतंजलि योगपीठ पहुँचने पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव महाराज ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री ने स्वामी जी महाराज तथा आचार्य जी से राष्ट्रव्यापी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए शिवराज ने कहा कि स्वामी रामदेव महाराज क्रान्तिकारी युगपुरुष सन्त हैं। मैं उनके प्रति श्रद्धा से भरा रहता हूँ। इसका पहला मूल कारण योग है जिसे स्वामी जी ने जनांदोलन बना दिया है। स्वामी जी के योग आंदोलन से पहले कुछ विशिष्ट लोग ही योग किया करते थे। योग आम लोगों की पहुँच से दूर था। स्वामी जी ने योग को जन-जन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण काम किया। योग से स्वास्थ्य और केवल स्वास्थ्य ही नहीं यदि हम और गहराई में जाते हैं तो यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान व समाधी का ज्ञान, मानसिक स्तर ऊपर उठे, शरीर स्वस्थ रहे, मन प्रसन्न रहे तथा बुद्धि प्रखर हो आदि व्यवस्था स्वामी जी ने योग के माध्यम की। और अधिक गहराई में जायें तो स्वामी जी ने आम जन को आत्मा से परमात्मा के मिलन का मार्ग बताया। मैं भी योग करता हूँ तथा अभी भी 24 में से 18 घण्टे काम करता हूँ। दूसरा कारण स्वदेशी के प्रति उनका दृढ़ संकल्प है। उन्होंने स्वदेशी को एक नई पहचान दी। स्वदेशी के क्षेत्रा में उन्होंने एक नवक्रान्ति करते हुए इस आंदोलन को जन-जन तक पहुँचा दिया। उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ जिनके विभिन्न उत्पादों बाजारों में भरे रहते थे और पैसा विदेश जाता था उसपर लगाम लगी है। उन्होंने देश की जनता को स्वदेशी का मन्त्र देकर भारत को समर्थ और सबल बनाने का काम किया है। इसके लिए मैं स्वामी जी को प्रणाम करता हूँ। श्री चैहान ने कहा कि मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले 5 साल से 18 से 20 प्रतिशत है। बम्पर उत्पादन से मेरे सामने समस्या रहती है कि किसान को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल जाये। इसके लिए वैल्यू एडिशन,फूड प्रोसेसिंग तथा अन्य चीजें कैसे की जा सकती हैं इसके लिए मैं स्वामी जी से वार्ता करुँगा। मंदसौर की घटना पर श्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक विधेयक पारित किया है कि मासूम बिटिया से दुराचार करने वाले को तुरंत फांसी पर लटका देना चाहिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई हो, निश्चित समय सीमा में हो। वह बेटी मध्य प्रदेश की बेटी है, मेरी मेरी बेटी है। हमारा प्रयास रहेगा कि उसका भावी जीवन इस घटना से प्रभावित न हो।
