बाल संत पिछले चार वर्षो से गोल्डन बाबा के साथ रह रहा
बाबा के खिलाफ दर्ज विभिन्न मुकदमों की जांच में आयी तेजी
गोल्डन बाबा के खिलाफ देशभर के संतो, अखाड़ों में रोष
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा से निष्कासित महंत गोल्डन बाबा द्वारा जूना अखाड़े के एक वरिष्ठ महंत पर आरोप लगाने के बाद वे स्वयं खुद घिरते जा रहे है। एक ओर जहां उनके खिलाफ कुम्भ मेला क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है, तो पहले से उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मुकदमों की जांच भी तेज हो गयी है। उनके सुरक्षागार्ड द्वारा दी गई तहरीर के बाद यूपी क्राइम ब्रांच ने नये सिरे से पुराने मुकदमों की भी पड़ताल शुरू करते हुए कारवाई तेज कर दी है। दूसरी ओर जूना अखाड़ा को यौन शोषण का अडडा बताये जाने के उनके बयान के बाद देशभर के संतो, अखाड़ों में रोष व्याप्त हो गया है। अखाड़ा परिषद ने भी उनके इस बयान को संतो का अपमान बताते हुए उनके खिलाफ त्वरित जांच कर शीघ्र कारवाई करने की कवायद तेज कर दी है। जिस बाल संत के शोषण की बात वे कह रहे है,वह बाल संत तो उनके साथ पिछले चार वर्ष से रह रहा है, तो ऐसे में सवाल उठता है कि उन्होंने पहले क्यों नही यह आरोप लगाया। अब जबकि जूना अखाड़ा ने गोल्डन बाबा को अखाड़ा से निष्कासित कर दिया, तो क्या जूना अखाड़ा पर दबाव बनाने के लिए गोल्डन बाबा ने बाल संत की आड़ में दबाव बनाने का प्रयास किया है। बताते चले कि पिछले दिनों श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा द्वारा गोल्डन बाबा को गलत गतिविधियों में लिप्त रहने तथा संतो के अनुरूप आचरण नही करने की वजह से निष्कासित कर दिया। अखाड़ा द्वारा निष्कासित करने के बाद चार दिन पूर्व गोल्डन बाबा ने जूना अखाड़े के एक वरिष्ठ महंत पर बाल संत का यौन शोषण करने का कथित आरोप लगाया। जिसके बाद अखाड़ा की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए शोषण के आरोप को दबाव बनाने का प्रयास करार दिया। गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार कक्कड़ उर्फ बिटटृ की ओर से हरिद्वार स्थित अपने आश्रम में जूना अखाड़े के वरिष्ठ संत पर कथित रूप से योैन शोषण का आरोप लगाकर खुद को पीड़ित बताने का प्रयास किया। दरअसल पिछले चार वर्ष से उक्त बाल संत उनके साथ रह रहा है, ऐसे मेें यह सवाल उठने लगा है कि अगर गोल्डन बाबा को इसके बारे में जानकारी थी, तो पहले क्यों नही मामले को उठाया, अब जबकि उनके खिलाफ अखाड़ा द्वारा निष्कासन की कारवाई हुई तो क्या अखाड़े पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की हरकत कर रहे है। दूसरी ओर गोल्डन बाबा द्वारा अपनी सुरक्षा में तैनात कुम्भ मेला पुलिस प्रशासन की ओर से तैनात यूपी के सिपाही सतीश को जबरन प्रयागराज से बाहर ले जाने व स्वीकृत पत्र मांगने पर धमकाने तथा चोरी के आरोप में फंसाने के मामले में पहले ही पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इस सम्बन्ध् में कुम्भ मेला प्रयागराज के एएसपी क्राइम ब्रांच ने मुकदमा दर्ज होने तथा जांच शुरू करने की बात कही है। दूसरी ओर विभिन्न आश्रमों, अखाड़ों की ओर से मांग के बाद गोल्डन बाबा के खिलाफ दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर दर्ज 34 मुकदमों की जांच एक बार फिर शुरू हो गयी है। बताया जा रहा है कि गोल्डन बाबा के खिलाफ उनकी सुरक्षा में तैनात यूपी के सिपाही की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर भी मुकदमा दर्ज कर कुम्भ मेला क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। दूसरी ओर गोल्डन बाबा द्वारा जूना अखाड़ा को यौन शोषण का अडडा बताये जाने के बाद देशभर के संतो में उनके प्रति रोष बढ़ने लगा है। इसके साथ ही अखाड़ा परिषद ने भी इस तरह के बयान को आपत्तिजनक मानते हुए इसके खिलाफ कानूनी कारवाई की तैयारियां भी तेज कर दी है। इसके अलावा विभिन्न संतो ने भी गोल्डन बाबा के खिलाफ कानूनी कारवाई को तेज करने को कहा है। साथ ही प्रशासन से उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच तेज करते हुए कारवाई करने की मांग भी शुरू कर दी है।
