जमीन में गाढ कर रखी गयी नगदी व डीवीआर बरामद
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने वेयर हाउस में हुई लाखों की चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्रतार किया हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही से झाडियों भरे प्लांट की जमीन के नीचे दबाकर रखे गये नोटों से भरा कट्टा व डीवीआर बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोेेेपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जिनको मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार ने बताया कि शाहनवाज पुत्र जलालुद्दीन सिटी मैनेजर इंटेक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी सलेमपुर हरिद्वार ने 27 अक्टूबर 22 को कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत की थी कि उसके कंपनी गोदाम के ऑफिस में रखा लाखों रुपए का कैश चोरी हो गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चोरी की घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालते चोरों की शिनाख्त के प्रयास करते हुए तलाश में जुट गयी। पुलिस ने चोरी की वारदात के खुलासे के लिए मुखबिर तंत्र को भी अलर्ट कर दिया। पुलिस चोरों की शिनाख्त के प्रयास में जुटी थी।
इसी दौरान पुलिस को 31 अक्टूबर की देर शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि वेयरहाउस में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो संदिग्धों को क्षेत्र में देखा गया है। पुलिस ने सूचना पर बताये गये हुलिये के आधार पर डेंसो चौक के पास से दो संदिग्धों को दबोच लिया। पुलिस संदिग्धों को लेकर कोतवाली पहुंची। पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने वेयरहाउस में हुई लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने संदिग्धों की निशानदेही से घटना स्थल के पास झाडियों से घिरे प्लांट में जमीन में गाढ कर रखे कट्टे से 9,72,588 लाख रुपए व डीवीआर बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम कृष्ण कुमार पुत्र संतराम यादव निवासी ग्राम पगड़ी भोजपुर थाना टांडा जिला अंबेडकर नगर यूपी और शहजाद पुत्र मेहरबान निवासी कस्बा व थाना चरथावल ज़िला मुज्जफरनगर यूपी बताते हुए खुलासा किया कि दोनों मनचंदा धर्म कांटे पर काम करते हैं तथा वही ऑफिस के पीछे बने कमरे में रहते हैं। उनके बगल में स्थित गोदाम वेयरहाउस के बारे में उन्हें पूरी जानकारी रहती थी।
दिवाली के दिन वहां के सभी कर्मचारी अपने अपने घर चले गए थे उनको मालूम था कि वहां प्रत्येक दिन 4-5 लाख की बिक्री होती है। जिनका पैसा वही कमरे के अंदर तिजोरी में रखा रहता है। 2-3 दिन से दिवाली के कारण छुट्टी होने की वजह से वहां अधिक पैसा मिलने की संभावना थी, उन दोनों ने पहले ही प्लान बना कर चोरी करने की योजना बनाई थी। दिवाली के एक दिन बाद उन्होंने मौका पाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
