जिला अस्पताल में ठगों ने ठगी करने का नया तरीका अपनाया
पूर्व में भी मरीज से मदद कराने के नाम पर हो चुकी ठगी
चिकित्साधिकारी ने मरीजों से ठगों से सावधान रहने की अपील
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जिला अस्पताल में ठग मरीजों को अपनी ठगी का शिकार बनाये जाने की शिकायते समय-समय सामने आती रही है। ऐसा ही एक ओर मामला जिला अस्पताल में गुरूवार की दोपहर महिला मरीज को आयुष्मान कार्ड के आधार पर प्राईवेट हॉस्पिटल में रेफर कराने के नाम पर दो हजार की ठगी का एक ओर मामला प्रकाश में आया है।
लेकिन चिकित्सकों ने शासन के आदेश का हवाला देकर मरीजों को प्राईवेज हॉस्पिटल में रेफर करने से इंकार करने पर ठग वहां से मरीज को गच्चा देकर फरार हो गया। जब काफी देर तक मरीज के पास मदद कराने के दावा करने वाला शख्स न पहुंचने पर मामले की जानकारी अस्पताल के आधिकारियो को दी गयी। जब जाकर मामले की जानकारी लग सकी।
जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. चंदन मिश्रा ने बताया कि गुरूवार की दोपहर को एक व्यक्ति उनके कार्यालय पहुंचा और हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाते हुए बोला कि डॉक्टर साहब उसकी मां की हालत बहुत खराब है। जिसको हरिद्वार के ही एक निजी हॉस्पिटल का नाम लेते हुए वहां पर रेफर करने के लिए कहने लगा। जिसपर उन्होंने शख्स से मां को तकलीफ के सम्बंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। लेकिन शख्स मां की बीमारी की जानकारी न देकर केवल रेफर करने की बात पर अड़ा रहा। जिसपर उनके द्वारा शासन के आदेश का हवाला देकर बताया कि यदि मरीज का जिला अस्पताल में उपचार सम्भव नहीं होगा तभी मरीज को केवल एम्स ऋषिकेश या फिर सरकारी दून मेडिकल कॉलेज में रेफर ही किया जाएगा।
जिसके बाद शख्स कार्यालय से निकलकर एमरजेंसी कक्ष में पहुंच गया और ईएमओ से भी मां को निजी हॉस्पिटल रेफर करने के लिए काफी मिन्नत की गयी। लेकिन जब उसको स्पष्ट इंकार किया गया तो वह वहां से चला गया। लेकिन कुछ देर बाद मरीज के परिवार का सदस्य कार्यालय पहुंचकर शिकायत की कि एक शख्स उनको ओपीडी कक्ष के बाहर मिला और बातों बातों में उनसे हमदर्दी जताकर मदद कराने का भरोसा दिलाया। शख्स उनके मरीज को आयुष्मान कार्ड के आधार पर हरिद्वार के एक निजी हॉस्पिटल में रेफर कराने में मदद के नाम पर दो हजार रूपये ले गया। लेकिन अभी तक वह उनके पास नहीं पहुंचा। जिसकी काफी तलाश की गयी तो वह अस्पताल में नहीं मिला है।
शिकायत पर चिकित्साधिकारी ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो पीडित ने ठगी करने वाले शख्स की पहचान लिया। वह कोई ओर नहीं बल्कि चिकित्साधिकारी और एमरजेंसी में ईएमओं के पास मरीज का बेटा बनकर पहुंचने वाला शख्स निकला। पीडित को कोतवाली नगर में ठग के खिलाफ शिकायत करने को लिए बोलते हुए उसको आयुष्मान कार्ड से मिलने वाले सुविधा की सही जानकारी दी गयी।
जिला अस्पताल चिकित्साधिकारी डॉ. चंदन मिश्रा ने अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व उनके परिजनों से ठगों से सचेत रहने की अपील की हैं। यदि कोई भी व्यक्ति चिकित्सक या फिर किसी स्टॉफ के नाम पर पैसे मांग कर मदद कराने का दावा करता हैं तो उसके झांसे में ना आये। बता दें कि इससे पूर्व भी 29 अप्रैल को एक व्यक्ति द्वारा बुर्जुग व्यक्ति को मदद कराने के नाम पर उसका ओपीडी पर्चा, आयुष्मान कार्ड और पांच सौ रूपये की ठगी का चुका है।
