पूर्व चालक समेत दो गिरफ्रतार, लाखों की नगदी व बाइक बरामद
स्कूल स्वामी ने दिया पुलिस प्रशासन को 51 हजार का इनाम
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। जुर्स कन्ट्री स्थित विज्डम ग्लोबल स्कूल के कार्यालय में हुई लाखों की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने पूर्व चालक समेत दो को गिरफ्रतार किया है। आरोपियो से पुलिस ने 4 लाख 62 हजार की नगदी, चोरी की राशि से खरीदी गयी बाइक, मोबाइल और खाते में जमा एक लाख बरामद किये है। चोरी का मास्टर मांइड पूर्व चालक निकला, जिसने अपना कर्जा चुकाने के लिए चोेरी की थी। स्कूल स्वामी यूसी जैन ने स्कूल कार्यालय से हुई चोरी का खुलासा होने पर पुलिस प्रशासन को 51 हजार का इनाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। जिसकी जानकारी एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार ने कोतवाली ज्वालापुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए दी।

उन्होंने बताया कि जुर्स कन्ट्री स्थित विज्डम ग्लोबल स्कूल के कार्यालय में 28 दिसम्बर 22 की रात्रि को अज्ञात द्वारा अलमारी की दराज से लाखों की नगदी चोरी होने का मामला स्कूल संचालक शशिभूषण चौहान पुत्र मास्टर इलम सिंह निवासी बहादराबाद हरिद्वार द्वारा कोतवाली ज्वालापुर में दर्ज कराया गया था। स्कूल कार्यालय से लाखों की चोरी को एसएसपी अजय सिंह ने गम्भीरता से लेते हुए कोतवाली ज्वालापुर को जल्द चोरी का खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्रतारी के निर्देश दिये थे। जिसपर चोरी ने खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गयी। पुलिस टीम ने स्कूल समेत आसपास के सीसीटीवी कैमरो को खंगालते हुए चोरों की शिनाख्त के प्रयास करते हुए तलाश शुरू की गयी।
उन्होंने बताया कि वहीं स्कूल के आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम लाखों की चोरी के खुलासा कर आरोपियों को दबोचने के लिए मुखबिर तंत्र की भी मदद ली गयी। पुलिस चोरी के खुलासे के प्रयास में जुटी थी कि पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से अहम सुराग हाथ लगे। एसपी सिटी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को दो संदिग्ध देखे गये, जिनमेकं एक संदिग्ध की पहचान स्कूल स्वामी यूसी जैन का पूर्व चालक आनंद सिंह पुत्र खीम सिंह पता ग्राम मटयानी थाना पंचेश्वर जिला चम्पावत के रूप में हुई। जोकि चार-पांच माह पूर्व ही नौकरी छोड़ गया था। पुलिस संदिग्ध की तलाश में जुट गयी। पुलिस टीम ने संदिग्ध् के सम्भावित ठिकानों पर छापेमारी की गयी, लेकिन संदिग्ध का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस संदिग्ध की तलाश में जुटी थी कि इसी दौरान पुलिस टीम ने रविवार की सुबह सूचना पर बाइक सवार संदिग्ध समेत दो को रानीपुर झाल के पास से दबोच लिया।
उन्होंने बताया कि दोनों को कोतवाली लाकर पूछताछ की गयी। पूछताछ के दौरान पूर्व चालक आनंद सिंह ने स्कूल कार्यालय में हुई चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार करते हुए दूसरे आरोपी का नाम मनोज चंद पुत्र त्रिलोक चंद निवासी ग्राम चमदेवल थाना लोहाघाट जिला चम्पावत बताया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद वह दिल्ली चला गया। जहां पर काफी कर्जा हो गया, उसको मालूम था कि स्कूल कार्यालय में लाखों रूपया रहता है। कार्यालय में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी मनोज चंद के साथ मिलकर चोरी की योजना तैयार कर चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला। स्कूल कार्यालय से चोरी की गयी नगदी में तीन लाख वह अपने साथ ले गये, लेकिन जाते वक्त बाकि नगदी नहर पटरी के किनारे जमीन मंे गाढ दिये। तीन लाख की नगदी से ढाई लाख रूपये मनोज को दिये और 50 हजार उसने खुद रखे।
एसपी सिटी ने बताया कि मनोज ने ढाई लाख में एक बाइक और एक मोबाइल खरीद कर एक लाख रूपये अपने बैंक खाते में जमा कराये थे। पुलिस ने आरोपियों से 4 लाख 62 हजार की नगदी, चोरी के पैसों से खरीदी गयी बाइक व मोबाइल और बैंक खाते से एक लाख रूपया बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। स्कूल स्वामी ने कार्यालय में चोरी का खुलासा होने पर पुलिस प्रशासन को 51 हजार का इनाम दिया है।
प्रेसवार्ता के दौरान सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल, कोतवाली ज्वालापुर आरके सकलानी, एसएसआई संतोष सेमवाल समेत टीम के सदस्य मौजूद रहे।
