♦रिकॉर्ड संख्या करीब साढे 76 लाख श्रद्धालुओं ने हरिद्वार पहुंचकर किया गंगा स्नान
♦डीएम ने स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने में दिये सहयोग के लिए किया सभी का आभार
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर अभूतपूर्व उमडे आस्था के सैलाब ने गंगा में डूबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। स्नान पर्व पर देश के विभिन्न प्रांतों से करीब साढे 76 लाख श्रद्धालुओं स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे। प्रशासन ने व्यापक जनसमागम के बावजूद स्नान पर्व पूरी तरह सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के सफल आयोजन पर समस्त श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, संत महत्माओं, पुरोहितों विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक संचालन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं की व्यवस्थाओं में जुटाए गए कार्मिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन में पुलिस प्रशासन ने अत्यंत समर्पण, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप विशाल जनसमूह के बीच स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका। डीएम ने कहा कि यह सफलता प्रशासन, पुलिस विभिन्न सहयोगी विभागों के मध्य उत्कृष्ट समन्वय, सूक्ष्म योजना और निरंतर निगरानी का परिणाम है। स्नान पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती गई।
उन्होंने उन सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की जिन्होंने दिन-रात अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया। जिलाधिकारी ने स्वयंसेवी संगठनों, श्री गंगा सभा, तीर्थ पुरोहितों, साधु संत महात्माओं, व्यापार संगठनों, मीडिया कर्मियों, सामाजिक संस्थाओं, सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, नगर निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग तथा अन्य सहयोगी एजेंसियों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उनका आभार प्रकट किया। जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के अनुशासन, सहयोग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन ने भी इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य के आयोजनों में भी इसी प्रकार का समन्वय और सहभागिता बनी रहेगी।
