श्री दिवान जी के निधन से साहित्यिक जगत क्षेत्र में भारी क्षति
लीना बनौधा
हरिद्वार। हरिद्वार की अग्रणी साहित्यिक संस्था “दीपशिखा” के संस्थापक/ अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार, कवि व कहानीकार कृष्ण लाल दिवान के निधन से उत्तराखण्ड एवं यूपी के साहित्यकारों व कवियों में शोक की लहर दौड़ गयी। सत्तासी वर्षीय श्री दिवान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे।
साहित्यकार एवं कवि डॉ.श्याम बनौधा ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने 87 साल की उम्र में भी साहित्य व अपनी रचनाओं को कभी नहीं छोड़ा। उनकी साहित्य व रचनाओं में गहरी पैठ थी। उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन भी किया। श्री दिवान जी कठिन बातों को कविता के माध्यम से सहज में कह देने वाले, लाखों लोगों को अपने सरल व्यक्तित्व से प्रभावित करने वाले व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे ।
उन्होंने बताया कि केएल दिवान साहित्यकार के साथ उच्च कोटि के शिक्षक भी थे। साथ ही हर वर्ग के लोगों से स्नेह करते हुए उनके सत्य मार्ग पर चलने के प्रेरणा स्रोत थे। उनकी कमी साहित्यिक क्षेत्र में हमेशा खलेगी और उनको साहित्यिक व काव्य क्षेत्र में हमेशा याद किया जाता रहेगा। साहित्यकार एवं कवि डॉ. श्याम बनौधा, मुकेश वर्मा, सीमा बनौधा, विशाल, वेदप्रकाश चौहान, संजय, नवीन पाण्डे, धीरेन्द्र यादव, अशोक कुमार, रामचन्द्र, श्रवण कुमार, रामेश्वर प्रसाद, अनूप कुमार, विकास शर्मा, राजेश गुप्ता आदि ने स्व. केएल दिवान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
