सीआईएसएफ अधिकारियों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। केंद्रीय औधोगिक सुरक्षा बल की भर्ती परीक्षा में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते दो अभ्यर्थी को अधिकारियों की पकड़ कर कोतवाली रानीपुर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा हैं कि युवकों ने उम्र अधिक होने पर उम्र में छूट का लाभ लेने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। पुलिस ने सीआईएसएफ अधिकारियों की तहरीर पर दोनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक अमर चंद शर्मा ने बताया कि परमजीत सिंह असिस्टेंट कमांडेंट मेंबर 1st रिक्रूटमेंट बोर्ड फोर पीईटी पीएसटी फोर CT/GD सीआईएसएफ यूनिट बीएचईएल रानीपुर हरिद्वार व इंस्पेक्टर लखबीर असवाल सीआईएसफ यूनिट भेल हरिद्वार सीआईएसएफ डी कंपनी बीएचईएल हरिद्वार ने भर्ती में शामिल होने आए अभ्यर्थी धीरज कुमार पुत्र दाऊ दयाल निवासी सतुपुरा इरादनगर थाना इरादनगर जिला आगरा उत्तर प्रदेश व सतेंद्र पुत्र रामहंस निवासी अंडेला रोड धौलपुर थाना सदर जिला धौलपुर राजस्थान को लेकर कोतवाली रानीपुर पहुंचे और पुलिस के हवाले कर दिया।
सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय औधोगिक सुरक्षा बल बीएचईएल इकाई मैं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की आरक्षी तथा जीडी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती प्रक्रिया में नियमानुसार आरक्षित अभ्यर्थियों को आयु सीमा तथा हाइट में छूट का प्रावधान है। भर्ती परीक्षा में आए दो अभ्यर्थी धीरज कुमार पुत्र दाऊ दयाल तथा सत्येंद्र पुत्र राम हंस जिन दोनों अभ्यर्थियों के द्वारा स्वयं को अनुसूचित जनजाति श्रेणी का बताया गया था।
उपरोक्त दोनों अभ्यर्थियों की फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट के दौरान आयु सीमा तथा हाइट में छूट देने के प्रावधान के अनुसार उक्त दोनों अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण पत्र चेक किए गए तो जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। पूछताछ करने पर धीरज कुमार ने अपनी जाति ब्राह्मण ( तिवारी) तथा सत्येंद्र ने अपनी जाति राजपूत (जादौन) बताई और बताया कि उनकी आयु अधिक होने के कारण आयु सीमा में छूट लेने के लिए उन दोनों ने अपने-अपने जाति प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति के बनाए हैं।
