साधक परिवार के साथ पहुंचा था स्नान के लिए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। शांतिकुंज का साधक परमार्थ निकेतन घाट पर स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से डूब गया। साधक अपने परिवार के साथ स्नान के लिए पहुंंचा था। सूचना पर पुलिस व गोताखोर टीम ने मौके पर पहुंचकर साधक के तलाश के लिए सर्च आपरेशन चलाया गया। लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका। बता दें कि इसी घाट पर शुक्रवार को संस्कृत का एक छात्र भी डूब था, उसका भी कोई सुराग अभी तक नहीं लग सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत शांतिकुंज साधक योगेश पाटिल पुत्र राजाराम उम्र 35 वर्ष निवासी पिंपाडे नंदुरबार महाराष्ट्र हाल शांतिकुंज हरिद्वार अपनी पत्नी श्रीमती गायत्री चद्राकर, बहन वसुधा सिन्हा व बुआ अहिल्या सिन्हा के साथ शनिवार की दोपहर को स्नान के लिए परमार्थ निकेतन घाट पर गये थे। बताया जा रहा हैं कि स्नान के दौरान साधक योगेश पाटिल तेज बहाव की चपेट में आने से डूब गये। जिसको बचाने के लिए परिजनों ने शोर मचाया। जिसको सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने डूबे साधक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सूचना पर सप्तऋषि चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह रावत मौके पर पहुंचे। जिन्होंने तत्काल गोताखोर टीम को मौके पर बुलाकर डूबे साधक की तलाश शुरू कर दी। लेकिन देर शाम तक साधक की तलाश के लिए गोताखोर के सर्च आपरेशन के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका।
बता दें कि इसी घाट पर शुक्रवार की दोपहर को स्नान के दौरान संस्कृत का एक छात्र रवि मिश्रा भी डूबा था। जिसको अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस व गोताखोर टीम रविवार की सुबह से डूबे छात्र व साधक की तलाश में सर्च अभियान शुरू करेगी। सप्तऋषि चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह रावत ने बताया कि शांतिकुंज का एक साधक योगेश पाटिल अपने परिवार के साथ स्नान के लिए परमार्थ निकेतन घाट पर आया था। जहां पर साधक स्नान के दौरान डूब गया। जिसकी तलाश गोताखोर टीम द्वारा की गयी, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग सका है। बीेते दिन भी एक संस्कृत का छात्र भी डूबा था उसका भी कोई सुराग नहीं लग सका है। इस घाट पर चेतावनी बोर्ड लगवाया जाएगा।
