दुकान स्वामी पर मारपीट व सामान भर कर ले जाने का आरोप
डीजीपी से शिकायत पर भी ज्वालापुर पुलिस नहीं दिखा रही गम्भीरता
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। एक दम्पति ने दुकान स्वामी पर अपने समर्थकों के साथ मिलकर दुकान खाली कराने के इरादे से दुकान में घुसकर तोडफोड व मारपीट कर बंधक बनाने तथा दुकान में रखा समान वाहन में भरकर ले जाने का आरोप लगाया है। ज्वालापुर पुलिस पर एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने, लेकिन आगे की कार्यवाही पांच माह बीत जाने के बाद भी नहीं करने का आरोप मढा है। डीजीपी से आदेश के बाद भी कोतवाली ज्वालापुर पुलिस पर कोई गम्भीरता नहीं दिखाये जाने का आरोप है। वहीं दूसरी ओर पुलिस अपने उपर लगे आरोपों को सिरे से नकारते हुए मामले की चार्जशीट तीन-चार दिन में कोर्ट में पेश करने की बात कह रही है।
पीडित दम्पति विनोद पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी ग्राम सीतापुर ज्वालापुर और उसकी पत्नी ममता ने रविवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि उनकी दुकान पुल जटवाडा सीतापुर रोड पर एसडीएफसी एटीएम मशीन के समीप पूजा ग्रारमेंटस नाम से हैं। आरोप हैं कि दुकान स्वामी उपेन्द्र चौधरी 15 अप्रैल 21 की शाम करीब साढे सात बजे अपने समर्थकों के साथ दुकान खाली करने के इरादे से वहां पर पहुंचे और दुकान में तोडफोड शुरू कर दी। जिनको रोकने का प्रयास किया। आरोप हैं कि दुकान स्वामी व उनके समर्थकों ने उनको बंधक बना कर मारपीट की और पत्नी की लज्जा भंग की। इतना ही नहीं उनके सामने ही छोटा हाथी वाहन बुलवा कर दुकान का समान भरकर ले गये। पीडित दम्पति की दलील हैं कि उनके पास दुकान के सम्बंध् में न्यायालय से स्टे है। लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी पक्ष के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी।
उन्होंने बताया कि एसएसपी से शिकायत करने के बाद घटना के एक माह बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं मिया। जबकि उनके साथ मारपीट व अभद्रता करते और दुकान का ताला तोडने की सीसीटीवी फूटेज पुलिस को उपलब्ध करायी गयी। उसके बावजूद भी उनको न्याय नहीं मिल पा रहा है। आरोप हैं कि पुलिस ने उनके मामले में तीन जांच अधिकारी बदले फिर भी नतीजा शून्य है। पीडित दम्पति का कहना हैं कि उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि दुकान स्वामी द्वारा उनकी दुकान से भर कर ले जाया गया माल वापस दिला देे। लेकिन उसके बावजूद उसका समान भी पुलिस ने आरोपी पक्ष से वापस नहीं दिलाया है। पीडित दम्पति ने आंशका जताई हैं कि आरोपी पक्ष अपने प्रभाव के दबाव में मुकदमें से कुछ नाम निकलवाने और कुछ धााराए कम करा कर केस को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कोतवाली ज्वालापुर पुलिस से न्याय की उम्मीद मिलते नजर न आने पर वह डीजीपी व आईजी से मुलाकात करते हुए मामले से अवगत कराया। लेकिन उसके बावजूद आज तक उनको न्याय नहीं मिल पाया है। वहीं कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी निरीक्षक चन्द्र चन्द्राकर नैथानी ने दम्पति द्वारा पुलिस पर लगाये गये आरोप निराधार बताया है। पीडित पक्ष खुद ही दूसरे पक्ष से आपस में समझौत कर चुका। लेकिन बाद में समझौते को मानने से इंकार कर दिया। उसके बाद वह न्यायालय पहुंच गया। पुलिस बिना किसी के दबाब में आये अपना काम ईमादारी से कर रही है और तीन-चार दिन में ही चार्ज शीट कोर्ट में दाखिल कर देगी।
