प्रदेश को तीन-तीन मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष के अलावा कुछ नहीं मिला
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। प्रदेश में डबल इंजन की पौने पांच साल की सरकार केवल जुम्ले व नारों की सरकार बनकर रह गयी। उत्तराखण्ड में डबल इंजन की सरकार प्रदेश को केवल तीन मुख्यमंत्री व तीन प्रदेेशाध्यक्ष देने के अलावा कुछ नहीं दे सकी। प्रदेश की जनता ने भाजपा पर भरोसा कर पूरे बहुमत की स्थिर सरकार बनाने में मदद की, लेकिन बदले में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश के विकास को ठप्प कर और बेरोजगारी को बढाते हुए जनता को परेशान किया।
यह बात प्रदेश की गढवाल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसौनी ने सोमवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब-जब मुख्यमंत्री को बदला गया तब-तब उन्होंने अपने हिसाब के अधिकारियों का चयन का उनको स्थान्तरित किया। जिससे उनके द्वारा विकास का जो रूप रेखा तैयार की वह बीच में ही रूख गयी। जिसका नतीजा यह निकला कि प्रदेश की विकास की रफ्रतार थम गयी। अगर सीएमआई की रिपोर्ट पर नजर डाले तो डबल इंजन की सरकार की युवाओं के लिए कितने रोजगार उपलब्ध् कराये उसका लेखा जोखा मिल जाएगा। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार में बेरोजगारी बढी है। वहीं दो दर्जन से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के उस बयान पर हैरानी होती हैं जब उन्होंने किसानों की आत्महत्या पर गैर जिम्मेदारना बयान देते हुए कहा था कि आत्महत्या प्रदेश में फैशन न बन जाए। इसलिए वह आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार को मुआवजा नहीं दूूंगा। वहीं भाजपा की प्रदेश की डबल इंजन सरकार बेटी बचाओं बेटी पढाओं का नारा देती है। लेकिन इन्हीें के तीन नेता पार्टी की नेत्री व कार्यकत्र्ताओं के यौन उत्पीडन के आरोपी है। लेकिन सरकार ने उन पीडिताओं को न्याय दिलाने की बजाय उनको पार्टी से निकाल कर आरोपियों को संरक्षण देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल से 120 से अध्कि डबल इंजन की सरकार में शराब की दुकाने खुली है। प्र्रदेश की भाजपा सरकार शराब व खनन माफियाओं को संरक्षण देते हुए उनके आगे नतमस्त है। पाण्डा व तीर्थ पुरोहित समाज को कभी विरोध् करने की जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन हिन्दूत्व की बात करने वाली भाजपा सरकार में उनको भी अपने पूजा पाठ को छोड अपने स्वाभिमान और परम्परा को बचाने के लिए विरोध् करना पड रहा है। भाजपा सरकार हमेशा होम वर्क किये बिना ही अनन-फनन में फैसला लेती है। लेकिन इस का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनते ही देवस्थानम बोर्ड को समाप्त करेगी। मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बात को जोर दे रहे हैं कि सरकार बाते कम और काम ज्यादा कर रही है। लेकिन उनकी बातों को प्रदेश की जनता से बेहतर कौन जान सकता है। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की अगर बात करे तो डबल इंजन की सरकार ने सरकारी अस्पतालों को पीपी मोड पर रख दिया है। जिला अस्पताल अब केवल रेफर सेंटर बन कर रह गये है। देश में बढती मंहगाई ने आम जनता की कमर तोड कर रख दी है।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना की कांग्रेस कडी निंदा करती है। इस घटना के विरोध् में प्रदेश भर में कांग्रेस पुतला दहन कर पुलिस मुख्यालय पहुंचकर गिरफ्रतरी देेगें। प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रदीप चौधरी, संजय अग्रवाल, मुरली मनोहर, विकास चौधरी, विमला पाण्डे, जटा शंकर श्रीवास्तव, सुनील मिश्रा, अनिल भास्कर, तेलूराम, संजीव चौधरी, मकबूल कुरैशी, कैलाश प्रधान, सीपी सिंह आदि मौजूद रहे।
