हरकी पौडी पर पूजा अर्चना करने के बाद गंगा जल लेकर हुई वीरभद्र मंदिर रवाना
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। उत्तराखण्ड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने भारत को वर्ष-2036 ओलंपिक की मेजबानी करने का मौका मिले की कामना के साथ उठाई कांवड़ उठाते हुए ऋषिकेश के वीरभद्र मन्दिर में जलाभिषेक करने के लिए रवाना हो गई। खेल मंत्री ने कांवड उठाने से पूर्व खेल मंत्री रेखा आर्य ने हरकी पौडी पर पूजना अर्चना देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी महाराज व महेश पुरी महाराज समेत कई साधु संत मौजूद रहे।
इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उनके दो महत्वपूर्ण संकल्प हैं, जिनमें पहला संकल्प प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वर्ष-2036 के ओलंपिक खेलों की सफल मेजबानी भारत को मिले और उसका सफल आयोजन हो। दूसरा संकल्प भारत को खेलों के क्षेत्र में विश्व की खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से उनके दोनों संकल्प अवश्य पूरे होंगे। वहीं साधु संतों ने मंत्री रेखा आर्य के संकल्प और भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था की सराहना की।
इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। भगवान शिव से कामना है कि उनके दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। निश्चित रूप से रेखा आर्य देश की वीरांगना हैं, जो सनातन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी देगी।
खेल मंत्री रेखा आर्य ने एक साल पहले भी पैदल कांवड़ यात्रा की थी। उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल ही 22 किलोमीटर की दूरी तय करके वीरभद्र में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उस साल उन्होंने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस बार भी वो पैदल कांवड़ यात्रा करेंगी। इस बार उन्होंने वर्ष-2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी और भारत को खेल महाशक्ति बनाने के दो संकल्प लिए हैं। इस संकल्प में उनके पति भी साथ हैं और पैदल कांवड़ यात्रा लेकर निकले हैं।
