मुकेश वर्मा
हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड के पूर्व घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने प्रदेश भर में काली फीती बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, यह प्रथम चरण का प्रदर्शन 14 अगस्त तक जारी रहेगा।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, महामंत्री सुनील अधिकारी, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, उपाध्यक्ष नेल्सन अरोड़ा, प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि कर्मचारियों के सब्र का इम्तहान महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विश्विद्यालय प्रशासन हर्रावाला न ले, कर्मचारियों की पदोन्नति की मांग संगठन पिछले दस वर्षों से कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों को दर किनार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जबकि एक और उत्तराखंड प्रदेश में ही पशुपालन विभाग नियमावली 2019 के तहत 297 कर्मचारियों की पदोन्नति वैक्सीनेटर के पद पर वन टाइम सेटलमेंट के तहत कर दी गई है और दूसरी और उन्हीं पदों पर कार्य कर रहे कर्मचारी जो सरकार, शासन को कोई वित्तीय भार भी नहीं होगा, आईपीएचएस मानको के तहत लेब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी सहायक, के पदों पर पदोन्नति के लिए महानिदेशक से तीन बार समझौते हुए हैं लेकिन वो धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं जोकि अन्यायपूर्ण रवैया है, जिसको अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर, प्रदेश संगठन सचिव दिनेश गुसाईं, मंडल अध्यक्ष कुमाऊँ भोपाल शाह, मंडल अध्यक्ष गढ़वाल राजेंद्र रावत, जिला मंत्री राकेश भंवर, वरिष्ठ नेता मूलचंद चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे छोटे संवर्ग के साथ अन्याय ही किया जा रहा है, पौष्टिक आहार भत्ता मरीजों के संपर्क में रहने के लिए नर्सिंग संवर्ग को दिया जा रहा है, वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी दिया जा रहा है। महानिदेशक ने 2025 में सभी कर्मचारियों से प्रदेश स्तर पर पदोन्नति हेतु नाम मांगे गए थे, सब नाम भेजने में लगभग एक वर्ष का समय लगा, अब कर्मचारियों को फिर से घुमाने के लिए कि जब तक नाम फिर से आयेंगे तब तक आचार संहिता लग जाएगी ओर पदोन्नति का सपना समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि पद न के बराबर है जब पदोन्नति के लिए 200 कर्मचारी के लगभग हैं तो 29 पदों से क्या होगा और किसका भला होगा दस वर्षों के लिए फ़िर से पदोन्नति सपना रह जाएगा, इसलिए अब आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और वन टाइम सेटलमेंट के तहत हाई स्कूल और इंटरमीडिएट कर्मचारियों की पदोन्नति और कर्मचारियों के वेतन मद में वर्दी भत्ता और धुलाई भत्ता 500 रूपये किए जाने की मांग की है। आशा ही नहीं विश्वास है कि मुख्य मंत्री जी और स्वास्थ्य मंत्री जी सबसे छोटे संवर्ग की बात सुनकर न्याय करेंगे।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में दिनेश लखेडा, सुनील अधिकारी, छत्रपाल सिंह, राजेन्द्र तेश्वर, नाथी राम, सचिन, मूल चंद चौधरी, महेंद्र सिंह, नवीन नवानी, राकेश भंवर, भोपाल शाह, राजेंद्र रावत, ललित शाह, अर्जुन पड़ियार आर पी भट्ट, दिनेश गुसाईं, त्रिलोक सिंह, जीवन सिंह, राजीव, सुरेंद्र कुमार, अजय कुमार शामिल रहे।
