♦राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने केन्द्र सरकार से सीधे दो सवाल पूछे
♦अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई ?
♦नीट पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन ?
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। देश की शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट पेपर लीक मामले, सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया की खामियों और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कठघरे में खड़ा किया।
उन्होंने ने आरोप लगाया कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय मामलों को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस संस्था को देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई, उसी की कार्यप्रणाली अब संदेह के घेरे में है। आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में सामने आए नीट पेपर लीक मामले के बाद भी सरकार ने कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। जिन लोगों की भूमिका पहले सवालों में रही, उन्हीं लोगों को फिर से जिम्मेदारी सौंप दी गई, जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर चुकी है। जहां भी कोई खामी सामने आती है, वहां निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय केवल जांच का दिखावा किया जाता है। आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को लगातार कमजोर कर रही है। सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। कई छात्रों को उम्मीद से बेहद कम अंक मिले, जिसके बाद शिकायतें सामने आने पर अंकों में सुधार किया गया। आलोक शर्मा ने दावा किया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग में निम्न गुणवत्ता वाले स्कैनरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई और इससे देश की प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थाओं की साख पर असर पड़ा है।
भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। भाजपा नेताओं को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने दो प्रमुख प्रश्न उठाते हुए पूछा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और नीट पेपर लीक व परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। प्रदेश और देश की जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदनशील मामलों में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल में 14 वर्ष से अधिक आयु की गायों के वध की अनुमति दिए जाने के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय पर हरिद्वार के संत समाज की चुप्पी आश्चर्यजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चयनात्मक प्रतिक्रिया दी जा रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं, छात्रों और आम जनता के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज सैनी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय सैनी भी मौजूद रहे।
