युवा सहित कई व्यापारी भी चकरी के धंधे की गिरफ्रत में
सोशल मीडिया पर निकाल रहे पीडित दिल की भड़ास
दंबगों के खौपफ के चलते पीडित खुलकर नहीं आ रहे सामने
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। तीर्थनगरी में अवैध् चकरी धंधा कुछ नेताओं सहित सफेंद पोश लोगों की संरक्षण में फल फूल रहा है। इस धंधे ने युवाओं सहित व्यापारियों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। इस ध्ंधे से जुड़ने के लिए युवाओं ने घरों से चोरी कर पैसा लगाना शुरू कर दिया है। जिसकी जानकारी लगते ही परिजनों द्वारा बच्चों को समझाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। मगर अवैध् चकरी के ध्ंधे की दल दल में धस चुके युवा बाहर निकल नहीं पा रहे है। इतना ही नहीं युवा पैसों के लिए अपने परिजनों पर भी हाथ उठाने से गुरज नहीं कर रहे है। इस ध्ंधे ने शहर के युवाओं को बर्बाद करते हुए उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। यह अवैध् ध्ंधा भीमगोडा व खड़खड़ी से शुरू हुआ और उसने आज हरिद्वार शहर में अपने पैर पसार लिये है। आरोप हैं कि इस अवैध् ध्ंधे को कुछ पुलिस कर्मियों का भी सरंक्षण प्राप्त है। ऐसा सम्भव नहीं कि बडे स्तर पर चल रहे अवैध् चकरी की ध्ंधे की जानकारी हर शख्स को हैं मगर पुलिस को न हो। मगर पुलिस इस अवैध् ध्ंधे से जुडे करोबारियों के खिलाफ कोेई एक्शन नहीं ले रही है। जिसको लेकर पीडित परिवारों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी रोष व्याप्त है। इस धंधे से जुडे दंबग लोगों के खौफ के चलते पीडित परिवार खुलकर पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। बताते चले कि पिछले कुछ साल पहले भीमगोडा व खड़खड़ी क्षेत्र से शुरू हुआ अवैध् चकरी के गोरख ध्ंधा सुर्खियों में आया था जिसने आज हरिद्वार शहर को अपनी गिरफ्रत में ले लिया है। बताया जा रहा हैं कि अवैध् चकरी का ध्ंधा नेट के जरिये मोबाइल पर खेला जा रहा है। जिसका संचालन भीमगोडा व खड़खड़ी के कुछ युवा कर रहे है। जिनके काउंटर भी स्थपित हैं जहां पर इस ध्ंधे से जुडे युवा या व्यक्ति काउंडरों पर जाकर हजारों की नगदी जमा कर अपने मोबाइल में ऐप एप्लीकेशन डाॅउन लोड कराकर पांइट डलवाने के बाद खेल रहे है। बताया जा रहा हैं कि भीमगोडा व खड़खड़ी क्षेत्र में कई ऐसे काउंडर बने हुए है। जहां से चकरी का गोरख ध्ंधा संचालित किया जा रहा है। अब युवाओं के साथ-साथ जुआ खेलने वाले व्यापारियों का रूझान भी इस ध्ंधे की ओर हो गया है। जिन परिवारों के बच्चे इस चकरी के ध्ंधे की गिरफ्रत में आ चुके है। उनकी रातों की नींद व दिन का चेन हाराम हो चुका है। बताया जा रहा हैं कि पीडित परिवारों ने अपने बच्चों को इस लत को छुड़ाने के लिए हर कौशिश कर चुके है। मगर बच्चे इस गोरख ध्ंधे में इस कदर घस चुके है कि उनको अच्छे व बुरे की समझ नहीं रह गयी है। इतना ही नहीं इस दलदल में धंस चुके युवा घर में चोरी तक करने लगे है। अगर परिजन द्वारा रोका जाता हैं तो उनके साथ मारपीट करने की भी शिकायते भी मिल रही है। बताया जा रहा हैं कि पीडित परिवारों ने इस ध्ंधे की शिकायत पुलिस से की, मगर नतीजा कुछ नहीं निकला। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी चकरी के ध्ंधे को लेकर पीडित लोग अपनी भड़ास निकाल रहे है। लेकिन दंबगों के चलते खुलकर सामने नहीं आ पा रहे है। बताया जा रहा हैं कि चकरी के ध्ंधे में जुडे लोग भी दो खेमें में बंट गये है। जोकि एक-दूसरे के नेट वर्क को तोड़ने के लिए फेंक आईडी के जरिये सोशल मीडिया में एक-दूसरे गुट के लोगों के नाम व मोबाइल नम्बर तक पोस्ट कर रहे है। और सोशल मीडिया पर अपने को पीडित बताते हुए डीएम से चकरी के ध्ंधे पर लगाम लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगा रहे है। अवैध् चकरी ध्ंधे से जुडे लोगों को कुछ नेताओं, सफेद पोशों सहित कुछ पुलिस कर्मियों पर सरंक्षण देने का आरोप लग रहा हैं। खड़खड़ी चौकी प्रभारी राजेन्द्र सिंह रावत के अनुसार उनके पास कई शिकायती पत्र अवैध् चकरी के ध्ंधे के सम्बंध् में आये है। लेकिन जिस नाम से यह शिकायती पत्र दिये गये है। वह नाम फर्जी हैं और कोई भी शिकायतकत्र्ता खुलकर सामने नहीं आ पा रहा है। और ना ही पुलिस के पास जिन युवकों के नाम से शिकायत की जा रही है। उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत तक नहीं है। ऐसे में पुलिस बिना किसी सबूत के किसी युवक के खिलाफ कैसे कार्यवाही कर सकती है। यदि पुलिस के पास कोई पीडित सबूत के साथ आयेगा तो पुलिस मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करेगी।
