


स्पर्श गंगा अभियान का स्थापना दिवस मनाया
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। स्पर्श गंगा अभियान के स्थापना दिवस की वर्षगाठ के अवसर पर रुड़की के कार्यकर्ताओ ने सत्य नारायण मंदिर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस मोके पर नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने केक काटकर माँ गंगा को स्वच्छ रखने का संकलप लिया। घाट पर सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए माँ गंगा मे कूड़ा, मल मूत्र, प्लास्टिक आदि ना फेकने की शपथ भी ली।
नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने उपस्थित जनसमुदाए को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ऋषि मुनियो व संतो की कर्मस्थली रही है, अनादि काल से माँ गंगा लोगो के लिए जीवन दायनी रही है, गंगा को किसी भी धर्म विशेष तक सीमित रखना संभव नहीं है। बदलते परिवेश में आज गंगा की धारा अवरुद्ध व प्रदूषित हुई है, गंगा की अविरलता व निर्मलता के स्वरूप को कायम रखने के लिए समाज को जागरूक करने की आवशयकता है। जिस से लोग भौतिकवादी विकास के साथ साथ जीवनदायनी माँ गंगा के प्रति अपने दायित्वों को समझ कर अपना योगदान कर सके। उन्होने स्पर्श गंगा टीम के सदस्यों की सराहना की।
श्रीमति प्रीति गुप्ता ने बताया की पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद डा0 रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल मे इस भावनात्मक पहल को दिसम्बर 2009 को गंगा स्वच्छता दिवस के रूप में बनाने की घोषणा करते हुए इस अभियान को स्पर्श गंगा का नाम दिया था। उन्होने कहा कि गंगा की निर्मलता के लिए आज स्वंय लोगो मे सजगता का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है, परंतु अभी इस दिशा मे बहुत काम करने कि जरूरत है। स्पर्श गंगा टीम द्वारा गली मोहल्ले मे भी जाकर जनसमुदाय को जागरुक किया जा रहा है। स्पर्श गंगा टीम प्रधानमंत्री के सपने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने मे प्रयासरत है । उन्होने कहा कि माँ गंगा हमेशा अपने तट पर आने वालो की प्यास बिना किसी भेदभाव के मिटाकर अपनी जलधारा से शीतलता प्रदान करती है। इससे मनुष्य को मानसिक शांति के साथ ही ईश्वरीय सुख की अनुभूति होती है।
श्रीमती हेमलता चौधरी ने कहा कि डा0 रमेश पोखरियाल निशंक कि प्रेरणा से चल रहा यह अभियान आरुषि निशंक के नेत्रत्व मे दिनोदिन आगे बढ़ता जा रहा है। उन्होने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण एक ग्लोबल समस्या बनकर मानव समाज के सामने चुनौती के रुप में खड़ी है। विकास और पर्यावरण के बीच एक संतुलन बनना आज की सबसे बड़ी मांग है। भारत एक विकासशील देश होने के कारण इस समस्या से अछूता नहीं है। समय के साथ जो प्रदेश चैतन्य है उन्होंने इस समस्या का हल ढूंढना शुरु कर दिया है। उन सब में अग्रणी राज्य देवभूमि उत्तराखण्ड है।
वरिष्ठ नेत्री श्रीमति सावित्री मंगला एवं प्रवीण सिद्धू ने कहा कि डा0 रमेश पोखरियाल निशंक का सपना है कि स्पर्श गंगा सम्पूर्ण विश्व में एक जनअभियान के रूप में चलाया जाय। उन्होने बताया कि इस अभियान को देश एवं विदेशों में न केवल लोकप्रियता मिली वरन् अभियान का रचनात्मक पक्ष भी विस्तृत हुआ। निशंक जी के अथक प्रयासो से युनिस्को की टीम ने हरिद्वार कुंभ मेले को विश्व धरोहर घोषित किया है।
वरिष्ठ नेता अश्वनी कोशिक एवं मिथलेश राठी ने कहा कि स्पर्श गंगा द्वारा देशभर के लोगो को जागरूक करने का काम डा॰ रमेश पोखरियाल निशंक के मार्गदर्शन मे लगभग एक दशक से निरंतर किया जा रहा है। यह डा॰ निशंक के ही प्रयासो का परिणाम है कि आज देश ही नहीं अपितु विदेशो मे भी लोग गंगा कि अविरलता व निर्मलता के लिए काम करने के साथ ही लोगो को भी जागरूक कर रहे है।
बी एल अग्रवाल एवं भारत कपूर ने कहा कि गंगा तटों को स्वच्छ रखने के लिए स्पर्श गंगा अभियान के अंतर्गत युवाओं की टीम लगातार काम कर रही है। समय समय पर सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों को स्पर्श गंगा अभियान से जोड़ने के साथ ही स्कूलों मे शपथ अभियान चलाकर भविष्य के निर्माता बच्चों को प्रेरित किया जाता है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनकर राष्ट्र निर्माण मे अपनी भागीदारी तय करें। स्पर्श गंगा टीम समय समय पर 7065540000 न॰ पर मिस्ड कॉल अभियान चला कर भी जनसामान्य को इससे जोड़ रही है ।
मोहित राष्ट्रवादी एवं विकाश चौधरी ने कहा कि समाज मे लोगो द्वारा शुरू की गयी सकारात्मक पहल के सुखद परिणाम आने वाले समय मे स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे । उन्होने लोगो से आवाहन किया की वह अपने परिवार मे आयोजित होने वाले विशेष पर्वो जैसे शादी की वर्षगांठ, बच्चो के जन्मदिन व स्वंय के जन्मदिन जैसे अवसरो पर अपने परिजनो सहित नजदीक के गंगा घाट पर यथासंभव सफाई कर लोगो से गंगा को प्रदूषित न करने का आवाहन करे। हर परिवार द्वारा की गयी एक छोटी सी पहल ही समाज मे लोगो को जागरूक करने का काम करती है, ऐसा करने से हम अपनी आने वाली पीढ़ियो को एक मजबूत भारतीय संस्कृति व संस्कार उनमे रोपित करने का काम कर सुखदय उज्जवल भारत का निर्माण करने मे सहायक होंगे।
आज के कार्यक्रम मे मयंक मेहंदीरतता, विक्रांत त्यागी, राजीव भारती, शौर्य गुप्ता, रितिक, शालू, राजू, मनिन्द्र रेड्डी, राकेश, जितेंद्र, सौरभ, भावना, दीपक, पुलकित, मनी, राजन, अजय, कोमल, गौरव, सागर, आनंद, उज्ज्वल, सोनम, अंजलि सहित रुड़की के विभिन्न बुद्धिजीवी लोगो ने भाग लिया।
