क्या काग्रेंसी नेता विकास मंत्री के चुनावी चक्रव्यू को भेद पाने में होगे कामयाब
भाजपा-कग्रेंस ने अपने-अपने मेयर प्रत्याशी के लिए झौंकी पूरी ताकत
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। भाजपा ने अपने मेयर प्रत्याशी की जीत के लिए चोटी एडी का जोर लगा दिया है। मेयर अन्नू कक्कड की जीत शहरी विकास मंत्री की नाक का सवाल बन गया है। वहीं शहर की जनता में भाजपा मेयर प्रत्याशी में अधिक रूचि नहीं दिखा रहे है। जिसकी वजह हैं कि पूर्व में मेयर भाजपा का रहा है। जिसने शहर की जनता को काफी निराश किया है। वहीं दूसरी ओर पंचपुरी में हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में जिस तरह से भेदभाव रवैया अपनाते हुए अतिक्रमणों को गिराया गया है। उसको भी शहर की जनता भूल नहीं पायी है। यह दोनों मुद्दें भाजपाईयों में जीत का रोड़ा बनी हुई है। लेकिन काग्रेंस भी इन दोनों मुद्दों को भुनाने में कामयाब होती नजर नहीं आ रही है। काग्रेंसी अपने मेयर प्रत्याशी अनीता शर्मा के लिए डोर-टू-डोर पहुंचकर वोट मांग रहे है। मगर जनता में काग्रेंस के प्रति भी मौजूदा वक्त में कोई रूझान देखने को नहीं मिल रहा है। जनता की शिकायत काग्रेंस से भी रही हैं कि उसने अपनी विपक्ष की भूमिका भी ठीक ढंग से नहीं निभायी हैं। केवल मीडिया में बयानबाजी और सकेंतीक प्रदर्शन कर अपनी भूमिका की इति श्री कर ली थी। लेकिन अब भाजपा नेता जनता की नब्ज समझ चुके है। इसलिए वह जनता के बीच जाकर उनके गिले शिकवें दूर करने के प्रयास कर रहे है। जनता में भाजपा मेयर प्रत्याशी एक अंजान हैं और उनमें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। और ना ही उनके परिवार की पृष्ठ भूमि राजनीतिज्ञ है। जबकि काग्रेंसी मेयर प्रत्याशी अनीता शर्मा को कुछ राजनीति ज्ञान हैं जोकि पार्षद रह चुकी है साथ ही पति भी एक अच्छे मझे राजनीतिज्ञ है। जिनके अनुभवों का लाभ उनको मिल रहा है। भाजपा व काग्रेंस दोनों ही अपने-अपने मेयर प्रत्याशियों की जीत के लिए दावें करने के साथ साथ लोगों के बीच जाकर वोट मांग रहे है। शहर व क्षेत्र के विकास के साथ-साथ उनके क्षेत्र की हर समास्याओं के निदान का अश्वासन दे रहे है। मगर मतदाता भी इतना समझदार हो गया हैं कि वह भी अपने पत्ते नहीं खोल रहा हैं कि उसका वोट किस तरफ जाएगा। उनके द्वार आने वाले प्रत्याशियों को ही उनके अंदाज में उसको अश्वासन दे रहा हैं कि उनका वोट आप ही को जाएगा। जिससे संतुष्ट होकर प्रत्याशी हाथ जोड व पैर छू कर उनका आशीवार्द लेने का प्रयास कर रहे है। भाजपा व काग्रेेंस ने अपना पूरी ताकत अपने-अपने मेयर प्रत्याशी को जिताने में लगा दी है। दोनों पार्टीयों को भी मालूम हैं कि पार्षद की जीत प्रत्याशी के सम्बंधों पर टिकी है। पार्टी के होने का लाभ प्रत्याशी को केवल इतना मिलता हैं कि पार्टी वोट उसके पाले में ही अधिकांश पड़ते हैं साथ ही पार्टी के कार्यकत्र्ता भी उसके साथ खड़े होेकर प्रचार में जुटे रहते है। यदि मौजूदा वक्त में देखा जाए तो दोनों पार्टीयों की स्थिति के सम्बंध् में अभी कोई भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। दोनों ही पार्टीयां ही अपने-अपने तरिके से मतदाताओं को रिझाने में जुटी है। लेकिन भाजपा के लिए मौजूदा वक्त थोडा मुश्किल भरा जरूर नजर आ रहा है। क्यों कि दो मुद्दों ने मतदाताओं को काफी निराश किया है। जिनमें पूर्व मेयर मनोज गर्ग का कार्यकाल और दूसरा हाईकोर्ट के आदेश पर भेदभाव पूर्ण तरिके से की गयी कार्यवाही मुख्य मुद्दे है। जिनसे भाजपा अपने को किस तरिके से अपने को उभार पाती है। यह तो आने वाला वक्त ही बता पायेगा। लेकिन इतना जरूर हैं कि विकास मंत्री मदन कौशिक के नेतृत्व में मेयर का चुनाव लडा जा रहा हैं जिनको मुश्किल से मुश्किल दौर में सीट निकालने में माहिरता हासिल हैै। जिनको हरिद्वार के भीतर भाजपा के लिए सकंट मोचन के रूप में जाना जाता है। देखना यह होगा कि काग्रेंसी नेता अपने मेयर प्रत्याशी की जीत के लिए विकास मंत्राी कौशिक के चुनावी चक्रव्यू को भेद पाने में कामयाब हो पाते हैं या फिर मेयर की कुर्सी दोबारा भाजपा के पाले में जाएगी।
