कनखल के व्यापारी से मांगी गयी थी कुख्यात राठी के नाम पर रंगदारी
सिडकुल पुलिस पूर्व में एक गुर्गे को गिरफ्तार कर भेज चुकी जेल
एसटीएफ को मामला ट्रासफर होने पर हुई मुजफ्फरनगर से दूसरी गिरफ्तारी
व्यापारी को मैसेज भेज कर साथियों को कॉल के लिए सिम उपलब्ध कराये
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कुख्यात सुनील राठी के नाम पर कनखल व्यापारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में एसटीएफ ने दूसरे गुर्गे को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। जोकि पेशेवर अपराधी है, जिसपर हत्या, बल्वा, लूट, धमकी, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट आदि के कई संगीन मुकदमें दर्ज है। जबकि सिडकुल पुलिस कुख्यात के एक गुर्गे को पूर्व में गिरफ्तार जेल भेज चुकी है। दबोचे गये गुर्गे द्वारा पीडितों को मैसेज भेजने व कॉल करने के लिए इस मामले में अपने साथियों को सिम उपलब्ध कराये थे। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि 13 फरवरी 23 को रविकांत मलिक पुत्र दुष्यंत मलिक निवासी बड़ा परिवार गुरूकुल कांगड़ी कनखल हरिद्वार ने सिडकुल थाने में तहरीर देते हुए शिकायत की थी। तहरीर में कहा गया था कि उसके द्वारा नवोदय नगर रोशनाबाद में मोहन चंद त्यागी से एक प्लाट अपनी पत्नी छवि मलिक के नाम से खरीदा था। जिसपर कुछ लोगों ने कब्जा करने की नीयत से 08 दिसम्बर 22 को प्लाट की दीवार तोड़ दी थी। जिसपर उसके द्वारा एसडीएम से प्लाट पर काम करने की अनुमति मांगी गयी थी। चूंकि कुछ हिस्सा महेश त्यागी के नाम पर था।
आरोप हैं कि इसी बीच उसे नीरज मलिक निवासी नवोदय नगर रोशनाबाद हरिद्वार, प्रदीप राठी, विपिन राठी, रोहताश राठी निवासीगण टिकरी बागपत यूपी द्वारा किसी ना किसी माध्यम से उसको व मेरे बड़े भाई अमर कांत मलिक को जान से मारने की लगातार धमकी दी जा रही है। आरोप हैं कि उक्त लोग कुख्यात सुनील राठी गैंग के लोग है।
तहरीर में आगे कहा गया था कि 03 फरवरी 23 को उसके भाई को व्हाट्सएप पर धमकी भरी कॉल व मैसेज भेजा गया है। आरोप हैं कि कॉलर ने अपने आपको सुनील राठी बताते हुए कहा कि जेल आओ अगर तुम्हे प्लाट चाहिए तो मुझे 50 लाख दो, पैसे किसे देने हैं यह मैं तुम्हे फोन करके बताउंगा। अगर पैसे नहीं दिये तो मेरे आदमी नीरज मलिक, प्रदीप राठी, रोहताश, विपिन राठी व सुनील गुज्जर प्लाट पर कब्जा कर लेगें। आरोप हैं कि पूर्व में भी इनके द्वारा उसके प्लाट पर कब्जा करने का प्रयास किया जा चुका है। आरोप हैं कि इससे पूर्व में उसे और उसके भाई को सुशील गुर्जर निवासी मीरगापुर यूपी ने जमालपुर कनखल बुलाकर हथियार दिखाकर जान से मारने की ध्मकी देकर धमकाया था कि प्लाट मेरे भाई सुशील राठी के नाम या उसके आदमियों के नाम कर दो नहीं तो तुम्हारे परिवार को मार देगें।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद कुख्यात सुनील राठी के एक गुर्गे सुशील गुर्जर पुत्र ज्ञान सिंह को अवैध अस्लाह 01 पिस्टल 45.बोर, 02 मैंगजीन, 10 जिन्दा कारतूस व एक बुलेट प्रूफ स्कॉर्पियो गाडी व घटना में प्रयुक्त मोबाईल सिम के साथ 13 मार्च 23 को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। इस मामले की जांच एसटीएफ के सुपूर्द की गयी। एसटीएफ ने विवेचना के दौरान पाया कि कुख्यात सुनील राठी गैंग का एक सदस्य अजीत खोखर भी रंगदारी मांगे जाने के मामले में शामिल है।
एसटीएफ ने अजीत खोखर की सर्विलांस के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। जिसकी लोकेशन मुजफ्फरनगर में मिली। जिसपर एसटीएफ टीम ने लोकेशन के आधार पर छापा मारकर कुख्यात सुनील राठी के दूसरे गुर्गे को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान अजीत खोखर ने खुलासा किया कि रविकांत मलिक व उसके भाई को धमकी भरे मैसेज भेजने और कॉल करने में इस्तेमाल किये गये सिम को अन्य आरोपियों को उसके द्वारा उपलब्ध कराया गया था। साथ ही वह इस पूरे मामले की निगरानी कर गवाहों को धमका रहा था।
उन्होंने बताया कि जिसका अपराधिक इतिहास खंगाला गया तो मालूम हुआ कि उसके खिलाफ थाना गंगनहर, हरिद्वार, थाना नई मण्डी मु0नगर के साथ साथ नई दिल्ली के कई थानों में रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास के कई मुकदमें दर्ज है, जिनमें वह जमानत पर बाहर है। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
