पॉड कार नहीं रोजगार चाहिए, विनाश नहीं विकास चाहिए
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में पोड टैक्सी योजना का व्यापारियों द्वारा विरोध जारी है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने आज अपर रोड पर प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए प्रोजेक्ट को अपर रोड़ जीरो जोन क्षेत्र से बाहर करने की मांग की। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ० नीरज सिंघल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रोजेक्ट अभी पूरे भारत में कहीं नहीं आया है, बड़े शहरों में मेट्रो सिटी जहां पर यह प्रोजेक्ट लगने चाहिए, यह अभी वहां भी नहीं लगे हैं। जबकि हरिद्वार शहर पौराणिक शहर है इससे इसकी पौराणिकता समाप्त होगी जिसका हम विरोध करते हैं।
जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने अपने विरोध में कहा कि अपर रोड पर अर्द्धकुम्भ व कुम्भ मेला ही नहीं अपितु पूरे वर्ष बड़े-बड़े धार्मिक जलूस निकलते हैं। जिसमे बहुत ऊची ऊची धर्म पताकाऐ निकलती है। यदि सड़कों के बीचो बीच दोनों साइड में उक्त प्रोजेक्ट के पिलर खड़े होंगे तो जगह कहां बचेगी, शाही जुलूस कैसे निकलेंगे। कहा कि पॉड कार नहीं रोजगार चाहिए, विनाश नहीं विकास चाहिए। हमें भी जीने का हक है, हरिद्वार की धार्मिक स्वरूप बरकरार रहे।
वरिष्ठ व्यापारी नेता तेजप्रकाश साहू ने कहा कि हरिद्वार की भोगोलिक परिस्थितियों अन्य बडे शहरों से भिन्न है। काशी, प्रयागराज, उज्जैन, मथुरा में चारों तरफ बहुत जमीन उपलब्ध हैं, लेकिन हरिद्वार जैसा छोटा सा शहर जोकि मुख्यत हरकी पौड़ी से लेकर रेलवे स्टेशन के डेढ़ किमी क्षेत्र बसता है। उसे आर्थिक लाभ के लिए नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। यह क्षेत्र भी केवल लंबाई में है एक तरफ शिवालिक पर्वतमाला दूसरी तरफ मां गंगा है उक्त प्रोजेक्ट के कारण तोड़े जाने वाले क्षेत्र के बाद यहां क्या बचेगा।
प्रदर्शन करने वालों में विनय त्रिवाल, पं० प्रदुमत्र भगत, गोपाल दास, सुनील कुमार, पवन सुखीजा, गगन गुगनानी, अजय रावल, विशाल माहेश्वरी, राजेश अग्रवाल, सूरज कुमार, सुरेश शाह, संजीव सक्सेना, आनंद फौजी, राजीव शर्मा, महेश कुमार, अमन कुमार, साहिल शर्मा, धर्मेंद्र शाह आदि मौजूद रहे।
