एसएसपी ने विवेचना में लापरवाही बरतने पर लिया एक्शन
सिडकुल थाने में कप्तान की दूसरी महिला दरोगा पर कार्यवाही
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। सिडकुल थाने में तैनात महिला दरोगाा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विवेचना में लापरवाही बरतने पर कड़ा एक्शन लेते हुए तत्काल से प्रभाव से निलंबित कर दिया। बता देें कि इससे पूर्व में भी एसएससी द्वारा विवेचना में लापरवाही मामले में इसी थाने में तैनात महिला दरोगा को निलंबित किया जा चुका है। एसएसपी द्वारा बैठकों के माध्यम से थानों में दर्ज मुकदमों में विवेचना के दौरान लापरवाही न बरतने की हिदायत दी जा चुकी है।
एसएसपी जनसंपर्क अधिकारी वीसी पाठक ने बताया कि सिडकुल थाने में दर्ज दुष्कर्म व पोक्सो के मुकदमे की विवेचना महिला दरोगा निशा सिंह द्वारा की जा रही थी। पीड़ित की ओर से 9 अप्रैल 2022 तहरीर देकर 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना अधिकारी ने जांच करने के बाद मुकदमे में नामजद 5 आरोपितों के खिलाफ से अगस्त 2022 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जबकि मुकदमे में नामजद दो आरोपितों के खिलाफ 8 महीने बीत जाने के बाद भी आरोप पत्र तय नहीं किया था और विवेचना जारी रखी।
पीड़ित पक्ष की ओर से विवेचना में दो आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई ना होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को शिकायत की गयी। एसएसपी ने पूरे मामले की विभागीय जांच कराने के बाद विवेचना अधिकारी महिला दरोगा निशा सिंह को लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसएसपी की ओर से मासिक अपराध समीक्षा बैठक में अधीनस्थों को थाने में दर्ज मुकदमों की विवेचना पर गंभीरता से लेने के आदेश दिए थे। पीड़ित को सही विवेचना होने पर ही कोर्ट से न्याय मिल पाता है।
विवेचना अधिकारी द्वारा लापरवाही बरतने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाने की चेतावनी दी गई थी। सिडकुल थाने में दर्ज मुकदमे में नाबालिक का अपरहण व दुष्कर्म करने में 7 लोग नामजद थे। पांच आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र तय कर दिया गया था, जबकि मुकदमे में नामजद रमन व राखी को 8 महीने बाद भी आरोप पत्र नहीं किया गया था।
