दो पहिया वाहन के लिए शहर में पर्किग भी कम पड़ी
शहर के चौराहों व सड़कों पर दो पहियां वाहनों का लगा जमघट
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कांवड मेले में इस बार डाक कांवड में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिये। जिनमें दो पहिया वाहनों की संख्या लाखों तक पहुंच गयी। प्रशासन द्वारा दो पहिया वाहनों के पार्क की व्यवस्था भी कम पड़ गयी। कांवड़ियों को अपने दो पहिया वाहनों को शहर के जगह-जगह चौराहों समेत सड़क किनारे पार्क करना पड़ा। पुलिस प्रशासन द्वारा भी दो पहिया वाहनों को सड़क किनारे व चौराहों पर व्यवस्थित ढंग से पार्क कराने में सहयोग किया जा रहा है।

बताते चले कि श्रवण मास कांवड मेले में दो पहिया डाक कांवड़ की संख्या में लगातार बढती जा रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा हर बार डाक कांवड़ों को पार्क करने के लिए कई स्थानों को चिन्हित कर पार्किग की जाती रही है। उसके बावजूद भी डाक कांवड़ में दो पहिया वाहनों की बढती संख्या के चलते पार्किग स्थल पर कम पड़ते जा रहे है। जिसकारण डाक कांवडियों को हर बार सड़क किनारे अपने दो पहिया वाहनों को पार्क किया जाता रहा है।
लेकिन इस बार डाक कांवड़ में बेहिसाब दो पहिया वाहनों की संख्या में बढोत्तरी देखी जा रही है। हरिद्वार तीर्थनगरी में भूगोलिक स्थिति को देखे तो शहर के दोनों ओर पहाड़ और बड़े हिस्से में मां गंगा बह रही है। भूगोलिक हिसाब से जितनी भी हरिद्वार में भूमि हैं उसपर करोड़ों कांवडियों समेत यातायात को व्यवस्थित करना प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती रही है। लेकिन उसके बावजूद भी प्रशासन अपनी सूझबुझ से हमेशा बड़े से बड़े मेलों का आयोजन सकुशला से सम्पन्न कराता रहा है।
लेकिन इस बार कांवड मेले में डाक कांवड़ में बेहिसाब बढती दो पहिया वाहनों की संख्या ने पुलिस प्रशासन की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है। लेकिन कांवड मेला हैं और करोड़ों हिन्दुओं की भावना का सवाल हैं इसलिए कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराना है। इसलिए पुलिस आलाधिकारियो द्वारा सीमित भूगोलिक स्थिति को ध्यान में देखते हुए दो पहिया डाक कांवड़ को व्यवस्थित करते हुए कांवड मेला सम्पन्न कराने में जुटा है।
