त्यागी उर्फ वसीम रिजवी व उनके परिवार का पूरा ख्याल रखा
सुप्रीम कोर्ट के वकीलों समेत विदेश में पढ रहे उनके बेटे का खर्च उठाया
महामंडलेश्वरः संबंध दो तरफ से निभाए जाते हैं, एक तरफ से नहीं
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि आज सनातन धर्म अभूतपूर्व संकट में है। हर ओर से सनातन धर्म को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी कमजोरी का सबसे बड़ा कारण यह है कि हमने अपने धर्म को छोड़ दिया है और हमारा त्यागा हुआ अरक्षित धर्म ही हमारे विनाश का कारण बन रहा है। आज यदि हमे जीवित रहना है तो सनातन धर्म की ओर ही वापस लौटना पड़ेगा। अब हम दोनों हिन्दुओ के सनातन की ओर लौटने के मार्ग को प्रशस्त करने का प्रयास करेंगे।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि व स्वामी अमृतानंद मंगलवार को सर्वानंद घाट पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी और अपने सम्बन्धों पर चर्चा करते हुए कहा कि कुछ लोग झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि मैंने उनका और उनके परिवार का उनके जेल में रहने के दौरान साथ नहीं दिया, तो मैं उन्हें बता दूँ की मेरे पास को दलाली या किसी संस्था का कोई पैसा नहीं है। मेरे पास तो धर्म का पैसा है जो मेरे पास मेरे ट्रस्ट के एकाउंट में मेरे साथी और हिंदूवादी भक्तगण दान करते हैं। इसीलिये मेरा दिया हुआ अधिकांश सहयोग बैंक के माध्यम से हुआ है।
त्यागी जी ने जब भी कुछ कहा तो हमने तुरंत उनके परिवार को सहायता की। उन्होंने कहा कि जिसमें त्यागी जी के विदेश में पढ़ रहे बेटे की फीस भी शमिल है और इस सबका भुगतान बैंक के माध्यम से हुआ है। हमने त्यागी जी की जमानत का मुकदमा यहाँ हरिद्वार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपने साथियों और ट्रस्ट के पैसों से लड़ा। सुप्रीम कोर्ट में त्यागी जी के बताए वकील खड़े किए। जिनमें सिद्धर्थ लूथरा को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक से प्रार्थना करके खड़ा किया और गौरव भाटिया को खुद खड़ा किया। गौरव भाटिया का सारा भुगतान हमने किया और सिद्धार्थ लूथरा का प्रारंभिक भुगतान हमने किया। केवल अंतिम तारीख पर एक वकील त्यागी जी के परिवार वालो ने खड़ा किया था।
जिसका भुगतान उन्होंने खुद किया है। जो लोग ये कह रहे हैं कि हम त्यागी जी को जेल से लेने नही गए वो जरा बताए की त्यागी जी के जमानतीयो की व्यवस्था करके उनके वेरिफिकेशन में कौन लोग लगे हुए थे। हमारे पास हमारी एक एक बात का प्रमाण है। अगर किसी को इन बातो में कोई संशय है तो वो जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी से बात करके इसकी सत्यता को जान सकता है। जो लोग आज हमें ये बता रहे हैं की हमारे और त्यागी जी के संबंधों में दरार पड़ गई है तो वो समझ ले की संबंध् दो तरफ से निभाए जाते हैं, एक तरफ से नहीं। सब जानते हैं की मैं त्यागी जी के सम्मान के लिए एक महीने से ज्यादा की जेल काटकर आया।
जबकि उत्तराखंड पुलिस मुझे गिरफ्रतार नहीं कर रही थी, आज त्यागी जी जिनके साथ है वो मीडिया मैनेज करके मेरी सारी विश्वसनीयता को समाप्त करने पर तुले हैं। त्यागी जी की क्या मजबूरी है, ये त्यागी जी जाने पर मैं किसी भी व्यक्ति को अपना चरित्र हनन नहीं करने दूूंगा। जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा के ठीक से उत्तर देने का हर संभव प्रयास करुंगा। प्रेस वार्ता में स्वामी अमृतानन्द जी महाराज ने कहा कि अब हम योगेश्वर की गीता को आधर बनाकर अपने धर्म के प्रचार का कार्य करेंगे और सम्पूर्ण विश्व को सनातन धर्म समझाने का प्रयास करेगे ताकि दुनिया धर्म और अधर्म के अंतर को समझ सके।
