हरिद्वार सीट पर फिर सतपाल और मदन आमने सामने
मदन वर्ष 2012 में सतपाल को 8,620 मतों से दे चुके पटखनी
विपरित जाते चुनाव को अपने पक्ष में करने की मदन को हैं महारथ हासिल
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। कांग्रेस हाईकमान ने काफी माथा पच्ची के बाद आखिर शनिवार की देर रात उत्तराखण्ड 53 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। हाईकमान द्वारा जारी अधिकृत प्रत्याशियों की सूची में जिनके नाम की घोषणा की गयी है। उनके समर्थकों पर खुशी व जश्न का माहौल है। लेकिन वही जिनके नाम कटे हैं उनके समर्थकों में मायूसी है। जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिला हैं वह कांग्रेस हाईकमान की निर्णय का सार्वजनिक तौर पर तो स्वागत करते हुए घोषित प्रत्याशी को जिताने के दावे कर रहे है। लेकिन भीतर ही भीतर अपने नाम काटने पर गमगीन है।
राजनीति जानकारों की मानों तो पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार और रानीपुर विधानसभा सीट पर अपने प्रबल समर्थक माने जाने वालों को टिकट दिला पाने में कामयाब रहे है। टिकट मिलने के बाद अब सवाल पैदा होता हैं कि हरिद्वार विधानसभा सीट पर कांग्रेसी प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी पिछले चार बार से जीत हासिल करने वाले भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक जोकि पांचवी बार चुनावी मैदान में क्या उनको पराजित कर पायेगे ? यह सवाल अब बडी पार्टी के दोनों प्रत्याशियों की घोषणा हो जाने के बाद शहर के हर शख्स की जुबान पर है।
अगर वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी रहे सतपाल ब्रहा्रचारी और भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक के बीच हुई चुनावी टक्कर में भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक ने 8,620 मतों से जीत हासिल की थी। वहीं वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस प्रत्याशी ब्रहा्स्वरूप ब्रहा्रचारी को भाजपा प्रत्याशी ने करारी शिकस्त देकर 35,927 मतो से पराजित कर जीत हासिल की थी। हरिद्वार विधानसभा सीट पर लगातार दो बार से कांग्रेस संतों पर ही विश्वास जता कर उनको अपना प्रत्याशी बनाती आयी है। जबकि दोनों संतों ने दोनों बार कांग्रेस हाईकमान को निराश किया है।
राजनीति जानकारों की अगर बात करें तो कांग्रेस हाईकमान ने कभी जनता के मूड को परखने की जदोहद नहीं उठाई, बल्कि पार्टी में चल रही खेमेबाजी के पावरफूल नेता के समर्थक को ही जीताओं प्रत्याशी मानकर टिकट देने का काम किया जाता रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में भी एक बार फिर पार्टी को निराश कर चुके संत पर अपना भरोसा जताते हुए दाव लगाया है। देखना हैं कि इस बार संत पार्टी हाईकमान के भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं? जिसपर सभी की नजरेें टिकी है।
भले ही सतपाल ब्रहा्रचारी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक पर जीत हासिल करने के दावे कर रहे है। मगर कांग्रेस प्रत्याशी को मदन को हारा पाना इतना आसान नहीं होगा, जितना वो समझ रहे है। इसमें कोई शक नहीं कि होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी और भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक के बीच कडा मुकाबला होगा। लेकिन यह भी सच हैं कि भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक को अपने विपरित जाते चुनाव को अन्तिम वक्त में अपने पक्ष में करने की महारथ हासिल है। ऐसे ही नहीं चार बार हरिद्वार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के नेताओं व कार्यकत्र्ताओं और शहर की जनता के नाराजगी के बावजूद अन्तिम वक्त में उनको अपने पक्ष में कर जीत हासिल करते रहे है।
भले ही होने जा रहा चुनाव पिछले चुनाव से थोडा अलग हैं, जनता में बढती महंगाई व बेरोजगारी को लेकर भाजपा से नाराजगी है। जिसको कांग्रेस पार्टी व प्रत्याशी सतपाल ब्रहा्रचारी कहा तक भुनाने में कामयाब हो पाते है और जनता की इसी नाराजगी को कांग्रेस के वोट में तब्दील करने मे कितना कामयाब होते है। यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

