दो कर्मचारियों ने की भूख हड़ताल शुरू, कोई सुध लेने वाला नहीं
एक कर्मी ने माली हालत बिगड़ने पर मानसिक संतुलन खोया
मुकेश वर्मा
हरिद्वार। दो माह से वेतन न मिलने से नाराज औधोगिक क्षेत्र हरिद्वार स्थित एमके कम्पनी के सभी कर्मचारी पिछले 20 दिनों से आंदोलनरत है। जिसकारण कम्पनी में ताले लटक गये है। आंदोलनरत कर्मचारियों की सुध् लेने वाला कोई नहीं नजर आ रहा। प्लांट हेड द्वारा कर्मचारियों के फोन रिसिव न करने पर कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल उनसे मिलने के लिए उनके आवास पहुंचा। लेकिन प्लांट हेड ने उनके खिलाफ खडखडी चौकी में झूठी शिकायत कर डाली। जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। कम्पनी की हठधर्मिता के चलते दो कर्मचारी उसी दिन से भूख हड़ताल पर चले गये। जिनका रविवार को भूख हड़ताल का चौथा दिन रहा। आरोप हैं कि वेतन न मिलने से घर की माली हालत बिगड़ने के चलते एक कर्मी अपना मानसिक संतुलन खो बैठा है।
बताते चले कि औधोगिक क्षेत्र हरिद्वार स्थित एमके कम्पनी, जोकि हीरो कम्पनी के पार्टस बनाती है, जिसमें करीब 90 कर्मचारी कार्यरत है। आरोप हैं कि कर्मचारियों को दो माह से कम्पनी द्वारा वेतन नहीं दिया जा रहा हैं। जिसकारण कुछ कर्मचारी जोकि बाहरी थे, उनके द्वारा कमरे का किराये न चुकाने पर उनको कमरा खाली कर देना पडा और वह खुले में रहने के लिए मजबूर है। आरोप हैं कि कम्पनी प्लांट हेड राम सुन्दर भी कर्मचारियों को वेतन के सम्बंध् में ठीक से जबाब नहीं दे पा रहे है। और कम्पनी से लम्बी छुट्टी पर चले गये। कर्मचारियों का आरोप हैं कि प्लांट हेड द्वारा उनका फोन भी रिसिव नहीं किया जा रहा। जिसकारण मजबूर होकर कम्पनी के करीब 90 कर्मचारी 28 सितम्बर 21 को कम्पनी के बाहर गेट पर धरने पर बैठे है। कम्पनी में कोई कर्मचारी के न होने पर कम्पनी में ताले लटक गये है।
कर्मचारियों का कहना हैं कि प्लांट हेड भी वेतन के सम्बंध् में ठीक से जानकारी नहीं दे रहे है। अब तो स्थिति यह हो गयी कि प्लांट हेड ने कर्मचारियों को फोन उठाना भी बंद कर दिया हैं। जिसके बाद कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल उनसे बात करने के लिए चार दिन पूर्व उनके आवास खड़खडी पहुंचा। लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की और उल्टा खड़खडी चौकी में उनके खिलाफ झूठी शिकायत कर दी। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपने आंदोलन को तेज करने के लिए दो कर्मचारी राम किशन गिरि और विकास 14 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर चले गये।
भूख हड़ताल पर बैठे कर्मी विकास का कहना हैं कि उनकी सुध् लेने वाला कोई नहीं है। आज उनको भी भूख हड़ताल पर बैठे चार दिन हो गये। वहीं कम्पनी के करीब 90 कर्मचारी अपने वेतन की मांग को लेकर 28 सितम्बर से आंदोलनरत है। कम्पनी में कार्यरत कर्मचारियों की आर्थिक की स्थिति नाजुक है। कई बाहरी कर्मचारियों को मकान का किराया न चुकाने पर उनको मकान खाली करना पडा है। वहीं कनखल निवासी एक कर्मी उमेश की परिवारिक स्थिति बेहद नाजूक होने के कारण उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। और वह सड़कों पर बदहवास होकर धुम रहा है। जब प्लांट हेड राम सुन्दर से फोन पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहीं सका। जिसकारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
