
ग्रामीणों का भेल मेन अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा
भेल कर्मी की ड्यूटी के दौरान हुई थी मौत, परिजन गलत—फहमी के हुए शिकार
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। भेल कर्मी की मौत के बाद उसके शव को गायब करने का आरोप लगाते हुए परिजनों सहित ग्रामीणों ने भेल मेन अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। परिजनों की ओर से रानीपुर कोतवाली में शव गायब करने तथा मृतक की सही मौत के कारणों को छुपाने का आरोप लगाते हुए भेल अधिकारियों सहित भेल अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर दी गयी है। वहीं पुलिस के अनुसार भेल कर्मी की मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया था। लेकिन भेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के आरोप लगाये गये। भेल प्रशासन के अश्वासन के बाद गुस्साएं लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिन भेल कर्मी राज कुमार निवासी सलेमपुर रानीपुर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ जाने पर उसको उपचार के लिए भेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गयी। भेल कर्मी राजकुमार की मौत का कारण हदय गति रूकना बताया जा रहा है। भेल अधिकारियों की ओर से मृतक के परिजनों को बीती शाम को सूचित कर दिया। बताया जा रहा हैं कि जब मृतक के परिजन व ग्रामीण भेल मेन अस्पताल पहुंचे तो शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने शव को मोर्चरी में रखा देखकर भेल अधिकारियों सहित चिकित्सकों से मौत के कारणों की जानकारी लेने के बाद रात को घर लौट गये। आरोप हैं कि जब परिजन व ग्रामीण भेल मेन अस्पताल सुबह पहुंचे तो मोर्चरी से शव गायब मिला। जिसकी सूचना मृतक परिजनों ने गांव के लोगों को दे दी। सूचना पर भारी संख्या में ग्रामीणों का हुजूम भेल मेन अस्पताल पहुंच गया और अस्पताल परिसर पर भेल अधिकारियों सहित चिकित्सकों पर मौत की सही वजह को छुपाने तथा शव को गायब करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। बताया जा रहा हैं कि जब गुस्साएं ग्रामीणों सहित मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अधिकारियों की बात की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। लेकिन शव को गायब करने, मौत के सही वजह छुपाने का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी को नौकरी देने तथा मृतक परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। जिसकी सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता राव आफाक अली सहित अन्य नेता मौके पर पहुुंच गये। जिन्होंने ग्रामीणों सहित मृतक के परिजनों के आरोप के स्वर पर स्वर मिलाते हुए भेल अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही। मृतक के भाई राजेन्द्र कुमार पुत्र स्व. मोल्हड सिंह निवासी सलेमपुर रानीपुर हरिद्वार की ओर से रानीपुर कोतवाली में भेल अधिकारियों सहित चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर तहरीर दी गयी। लेकिन जब पुलिस अधिकारियों सहित भेल प्रशासन की ओर से गांव के मौजिज लोगों के माध्यम से मृतक परिजनों सहित ग्रामीणों को समझाते हुए सही जानकारी दी गयी कि शव गायब नहीं किया गया है। शव को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। जिसके बाद गुस्साएं लोग शांत हुए। बताया जा रहा हैं कि भेल प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को नौकरी देने के अश्वासन दिये जाने के बाद ग्रामीण अस्पताल से हटे। देहात सीओ प्रकाश देवली के अनुसार भेल कर्मी राजकुमार की मौत हो गयी थी। जिसके शव को भेल चिकित्सालय के चिकित्सकों ने मोर्चरी में रखवा दिया था। जहां से पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजवा दिया। लेकिन मृतक के परिजन व ग्रामीण इस बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हुए और भेल प्रशासन पर दबाव डालने के लिए शव को गायब करने तथा मौत की सही वजह को छुपाने के आरोप लगाते हुए भेल अस्पताल परिसर में हंगामा किया। जब भेल प्रशासन की ओर मृतक की पत्नी को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया, तब जाकर उन्होंने अधिकारियों की बात को सुन जिला अस्पताल पहुंचे। सीओ प्रकाश देवली के अनुसार भेल चिकित्सकों का कहना हैं कि भेल कर्मी राजकुमार की मौत हदय गति रूकने से मानी जा रही है। लेकिन मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट हो जाएगा।
