मृतका बेटी को झौंकना चाहती थी जिश्म फरौशी के दलदल में
मुकेश वर्मा/ अजय नेगी
हरिद्वार। एक सप्ताह पूर्व कनखल क्षेत्र में हुई महिला की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। महिला की हत्या किसी ओर ने नहीं बल्कि उसकी सगी नाबालिक बेटी ने की थी। जिसका खुलासा खुद बेटी ने पडौसन के साथ कनखल थाने पहुंचकर किया है। पूछताछ के दौरान बेटी सरिता काल्पनिक नाम ने खुलासा किया कि वह मूलरूप से गांव मसूरपुरा बदायूं यूपी के रहने वाले हैं उसके पिता मजदूरी करते है और उसके दो छोटे भाई हैं। उसके पिता गांव से उनको हल्द्वानी ले आये, जहां पर उसके पिता फल की रेहडी लगाने लगे। लेकिन उसकी मां का चाल चलन ठीक नहीं था और वह पिता से अलग रहना चाहती थी। इसलिए वह पिता जी से रोजाना झगड़ा करने लगी और झगड कर हरिद्वार आ गयी। पिता जी उनको लेकर गांव लौट आये और वहां से पंजाब चले गये। 5-6 साल बाद मां उनके पास पंजाब पहुंच गयी और उनके साथ रहने लगी। लेकिन मां ने अपनी आदत नहीं बदली और पिता से झगड़ना शुरू कर दिया। इसी बीच मां ने पिता जी के खिलाफ 2016 में मुकदमा दर्ज करा दिया और वह जेल चले गये। हम भाई बहन ताउ के पास रहने लगे। पिता के जेल के आने के बाद हम साथ रहने लगे, तभी मां एक व्यक्ति और महिला को लेकर पहुंची और पिता जी को परेशान करने लगी। उनके खिलाफ थाने में एप्लीकेशन देती रही। एक भाई को पहले की मां अपने साथ ले गयी थी। मुझे भी वह जबरन पढाई लिखाई कराने के नाम पर 9 सितम्बर को हरिद्वार ले आयी। सरिता ने बताया कि उसकी इच्छा नहीं थी मां के साथ रहने की। मगर जबरन मां उसको ले आयी। मेरी मां ने लोगों को दिखाने के लिए कक्षा 8 में दाखिला दिलवा दिया, मगर स्कूल नहीं भेजा। उसकी मां किरन देवी उसको जिश्म फरौशी के धंधे में धेकलना चाहती थी और कई बार उसने उसको लोगों के आगे परोसा था। जिसका वह विरोध् करती तो उसकी मां उसके साथ मारपीट करती थी। इतना ही नहीं उसकी मां उसको कमरे में कैद करके रखती थी ताकि मैं भाग ना जाउफ। 13 सितम्बर को उसकी मां ने फिर एक व्यक्ति के आगे पेश किया और जिसको लेकर वह घर लौट कर रोई, तो मां ने उसको पीटा। तभी उसने ठान लिया कि वह अब अपनी मां को नहीं छोड़ेेगी। जब मां रोजना की तरह रात अपनी दवा लेकर सो गये। तभी रात करीब साढे ग्यारह बजे उसने मां के बिस्तर के नीचे रखी पाठल को निकाल कर उसकी गर्दन में दो तीन वार कर दिये। जिससे उसकी मां की मौत हो गयी। जब उसने अपने कपड़े बदले और पाठल को एक थैले में रख कर रात करीब 12 बजे घर के बाहर ताला लगा कर निकल गयी। उसने थैले व कपडे को पास ही झाडियों में फैंक दिया और ट्रेन से सहरानपुर पहुंची जहां से अम्बाला और वहां से बस के द्वारा रोपड पंजाब पहुंची। पुलिस ने बेटी की शिनाख्त पर हत्या में प्रयुक्त पाठल व खून से सन्ने कपडे बरामद कर लिये। पुलिस ने बेटी के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
